गाजियाबाद। यूपी के गाजियाबाद स्थित राजनगर एक्सटेंशन के भोवापुर गांव में मंगलवार को अधिकारियों की लापरवाही की वजह से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीसरी दोनों के बचाने के चक्कर में झुलस गई। दरअसल गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के ठेकेदार की ओर से सड़क निर्माण कराया जा रहा था, इस दौरान HighTensionLine टूटने से करंट की चपेट में आ गईं। ऊर्जा निगम के अवर अभियंता ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के दौरान जेसीबी से बिजली के खंभों और तारों को नुकसान पहुंचा। लाइन टूटने के बाद विभाग को सूचना भी नहीं दी गई। अवर अभियंता ने जीडीए के ठेकेदार अंकित गोयल और जेसीबी चालक के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।
जेसीबी चालक ने नहीं दी सूचना
बता दें कि निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी चालक से बिजली के पोल सोमवार रात टूट गए। इस वजह से तार सड़क पर गिर गए, लेकिन चालक ने किसी को जानकारी नहीं दी। ऊर्जा निगम को मंगलवार सुबह हादसे के बाद करीब सुबह आठ बजे मिली। इससे निगरानी के साथ ट्रिपिंग सिस्टम पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि मूलरूप से बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र के खिरिया बारखपुर गांव निवासी थान सिंह परिवार के साथ तीन साल से भोवापुर में केडीपी गोल चक्कर से गांव की ओर जाने वाले रास्ते पर झुग्गी में रह रहे हैं। उन्होंने मोरटी के एक किसान से भोवापुर में ही जमीन ठेके पर लेकर सब्जी की खेती कर रखी है।
यह हुईं हादसे का शिकार
नंदग्राम थाना क्षेत्र के भोवापुर गांव में मंगलवार सुबह करीब छह बजे थान सिंह की पत्नी सत्यवती (50), बहू रूबी (21) और बेटी देवश्री खेत में मूली उखाड़ने गई थीं। खेत में एलटी लाइन का तार टूटा पड़ा था। रूबी खेत में पहुंचीं तो तार उनकी गर्दन से छू गया और वह करंट की चपेट में आ गईं। बहू को बचाने के लिए सत्यवती ने तार हटाने की कोशिश की, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गईं। मां और भाभी को तड़पता देख देवश्री उन्हें बचाने दौड़ीं। इसी दौरान तार उनके पैर से छू गया और वह दूर जा गिरीं।
बांस से हटाया तार
देवश्री के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने बांस की मदद से तार हटाया और तीनों को संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने सत्यवती और रूबी को मृत घोषित कर दिया, जबकि देवश्री को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर बदायूं रवाना हो गए। दोनों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया जाएगा।
चार माह पहले हुई थी रूबी की शादी
थान सिंह ने बताया कि छोटे बेटे शिवम की शादी चार माह पहले ही रूबी से हुई थी। दो माह पहले वह बहू को गाजियाबाद लेकर आए थे। रूबी घर के कामकाज में हाथ बंटाने लगी थीं। परिवार की आजीविका सब्जी की खेती पर निर्भर थी। उन्होंने खेत में पालक, मूली और लौकी समेत अन्य सब्जियां उगा रखी थीं। पत्नी, बहू और बेटी सुबह खेत से सब्जियां तोड़कर ई-रिक्शा में भर देती थीं। इसके बाद शिवम मंडी में सब्जियां बेचने जाता था। मंगलवार सुबह भी तीनों इसी काम के लिए खेत में गई थीं।
