कानपुर। देश में मुस्लिम राजनीति का चेहरा बनकर उभरे एआईएमआईएम के मुखिया Owaisi’s की बेचैनी बढ़ती जा रही है। क्योंकि उनकी सभा में भीड़ तो बढ़ रही है, लेकिन वह जानते है केवल मुस्लिम वोट के भरोसे भाजपा को सत्ता से बेदखल करना आसान नहीं है। इसलिए वह किसी भी पार्टी से गठबंधन करने की बार—बार दोहरा रहे है। वहीं यूपी का कोई भी दल उन्हें गले नहीं लगाना चाहता है, क्योंकि उनकी पार्टी को अभी तक बीजेपी की बी पार्टी की तरह देखा जा रहा है। अब तक जहा भी उन्होंने चुनाव लड़ा सबसे ज्यादा विपक्ष को ही नुकसान हुआ है। इसलिए कोई उन्हें साथ नहीं बैठाना चाहता है। यह तो तय है जो भी पार्टी उन्हें गठबंधन में शामिल करेगी, उसे इन्हें मुस्लिम बहुल्य क्षेत्रों में इनके समर्थकों को टिकट देना होगा। कानपुर की सभा में उन्होंने ऐलान किया कि वह किसी भी गैर भाजपाई पार्टियों से गठबंधन के लिए बात चल रही है। दो अक्तूबर तक गठबंधन के लिए इंतजार कर रहे हैं। जिसके साथ गठबंधन होगा, उसी के साथ प्रदेश में एआईएमआईएम चुनाव लड़ेगी। यह पक्का है कि जिस पार्टी से गठबंधन करेगी उसे जरूर फायदा होगा, लेकिन ध्रुवीकरण की भी होगा।
सपा सरकार को भी लिय आड़े हाथों
रविवार रात में बाबूपुरवा ईदगाह मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि प्रदेश में मुसलमानों का विकास नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लिए बिना बाबा, भइया कहकर दोनों को आड़े हाथों लिया। कहा कि सहारनपुर में मस्जिद और यहां बर्रा में कब्रिस्तान तोड़ना अराजकता है। मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने पूर्व में रही सपा सरकार पर सवाल उठाए। कहा कि उस समय विधानसभा में 47 मुस्लिम विधायक होने के बावजूद मुस्लिमों को इंसाफ नहीं मिला। आरोप लगाया कि सपा में एमवाई नहीं केवल वाई है। उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि मुसलमानों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, कुर्बानियां दीं। आरएसएस पर भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अब तक सियासी दलों ने मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है। मुस्लिम समाज को केवल चुनाव के समय याद किया जाता है। चुनाव के समय वोट से झोली भरने का काम किया जात है लेकिन शिक्षा, रोजगार, संपत्ति, राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए ठोस काम नहीं हुआ।
छावनी विधायक पर भी कसा तंज
छावनी क्षेत्र के विधायक मोहम्मद हसन रूमी को भी उन्होंने आड़े हाथों लिया। कहा कि उन्होंने न तो पुल बनवाया, अन्य वादे भी पूरे नहीं किए। रूमी कहते हैं कि वोट डिवाइड न हो जबकि विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। बर्रा में कब्रिस्तान तोड़ने पर भी कुछ नहीं किया। एनआरसी का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि इस मामले में बाबूपुरवा के तीन लोग मारे गए, उसमें विधायक ने क्या किया। कानपुर को क्रांति की धरती बताते हुए ओवैसी ने कहा कि यहां के बुजुर्गों ने देश के लिए कुर्बानी दी है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यहां दो -तीन बार आने का एलान किया। भाषण के अंत में उन्होंने आई लव मोहम्मद के नारे भी लगवाए। जनसभा का संचालन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शेख ताहिर सिद्दीकी ने किया। दिलदार गाजी, नासिर खान आदि मौजूद रहे।
