लखनऊ। Vedic School में अनुशासन के नाम पर पीटकर 11 साल के बच्चे की हत्या के मामले में पुलिस ने देर रात आरोपी स्कूल संचालक कन्हैया मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया । इसके साथ ही उसकी प्रेमिका आलमनगर निवासी हर्षिता सोनी की भी गिरफ्तार कर लिया। हर्षिता पर साक्ष्य मिटाने और बच्चों को घर भेजने का आरोप है। शुक्रवार को कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। बता दें कि महाराजपुर के गौरिया गांव निवासी नरेंद्र कुमार द्विवेदी के बेटे दिव्यांश की पिटाई से मौत हो गई थी। उसे पढ़ाई करने के लिए हफ्ते भर पहले लखनऊ के आलमनगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल भेजा गया था। लखनऊ निवासी स्कूल संचालक दिव्यांश के शव को छोड़कर फरार हो गया था।
नाक व मुंह से निकल रहा था खून
घरवालों को सीढ़ियों से नीचे गिरने की जानकारी दी गई थी। बच्चे के शरीर पर पिटाई के 39 से 40 निशान मिले, जबकि नाक व मुंह से खून निकल रहा था। पुलिस ने स्कूल संचालक और अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की। स्कूल संचालक फरार था, उसका मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा था। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने गुरुकुल स्कूल में जाकर जांच की, जिसमें एक भी बच्चा नहीं मिला। वहां के सीसीटीवी कैमरों के साथ छेड़छाड़ की गई थी। अभिलेख और डीवीआर गायब था। जांच करने पर लखनऊ निवासी हर्षिता सोनी का नाम सामने आया। यह कन्हैया मिश्रा की महिला मित्र है। पुलिस ने उसे और स्कूल संचालक को गिरफ्तार कर लिया।
थप्पड़ों से हो रही थी पिटाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दिव्यांश की चार दिन से पिटाई हो रही थी। उसे डंडे, बेल्ट, थप्पड़ों से पीटा जा रहा था। एक दिन बिना कपड़ों के रखा था। गुरुकुल स्कूल के स्टाॅफ का कहना है कि जब किसी बच्चे पर संचालक नाराज रहते थे तो उसको खाना नहीं दिया जाता था। दिव्यांश के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है। बच्चे के शरीर डंडे, बेल्ट के निशान उसके कमर, पीछे, जांघ, कंधे पर मिले हैं। आरोपी स्कूल संचालक ने बताया कि उसके पिता गुरुकुल के नियम मानते थे। बचपन में उसकी जरा सी गलतियों पर बुरी तरह से पिटाई होती थी। इसका असर उसके व्यवहार में आ गया है। दिव्यांश गुरुकुल के नियम नहीं मान रहा था। साथ के अन्य लड़कों को परेशान कर रहा था। उसको समझाया जा रहा था लेकिन नहीं माना। एकदम से गुस्सा आ गया और पिटाई में उसकी जान चली गई।
परिजनों में आक्रोश
बुधवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद बच्चे का शव गांव में पहुंचा जहां परिजन और रिश्तेदार गुस्से में भर गए। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घरवालों को बच्चे का अंतिम संस्कार कराने के लिए कहा लेकिन उन्होंने पहले गिरफ्तारी की मांग की। सुबह लगभग 11 बजे विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना परिजन से मिले। उन्होंने परिवार को आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और आर्थिक मदद दिलवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद दोपहर 12 बजे ड्याेढ़ी घाट पर शव का अंतिम संस्कार हुआ।
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