चमोली।Accident in Chamoli : उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार रात निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा आने से वहां काम कर रहे श्रमिकों के जीवन पर संकट आ गए। हादसे में नौ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि छहल अभी भी लापता है। कई घायलों का इलाज जारी है। लापता श्रमिकों के बचाव के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार हादसे के दौरान करीब 16-17 लोग एक जगह पर थे। जबकि बिजली ऑपरेटर, प्लंबर के साथ ही कुछ अन्य लोग भी वहां मौजूद थे। एक घायल ने बताया कि वे कीचड़ में आधा हिस्से तक फंस गए थे, जैसे-तैसे जान बची । टीएचडीसी की टीआर टनल से बचकर बाहर मजदूर सदमे में हैं। टनल में अचानक ऑक्सीजन लेवल कम होने से मजदूरों की सांस फूल रही थी। कांपते शब्दों में उन्होंने बताया कि जिस जगह पर भूस्खलन हुआ, वहां बुधवार को मिट्टी खिसक गई थी। इसके धंसने की आशंका थी। यह टनल दुर्गापुुर से सियासैंण तक करीब तीन किलोमीटर तक निर्मित हो रही है। हादसा करीब डेढ़ किमी पर हुआ है।
रेस्क्यू अभियान युद्ध स्तर पर जारी
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को रेस्क्यू अभियान युद्ध स्तर पर चलाने के निर्देश दिए। साथ ही घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। हादसे में घायल छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने जिला अस्पताल में बताया कि वह टनल में सरिया बांधने का काम कर रहे थे। उस समय करीब 16-17 लोग टनल में काम कर रहे थे। अचानक भारी भूस्खलन हुआ और मलबा, पानी व पत्थर तेज गति से टनल के अंदर घुस आया। इसके बाद वह सभी लोग किसी तरह पानी और मलबे के बीच फंस गए। कुछ लोग उसी बहाव में बाहर निकले तो कुछ को जवानों ने रेस्क्यू किया।
प्रभावित परिवारों को की जाएगी सहायता
प्रोजेक्ट निदेशक शरद कुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। उन्होंने बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए सभी संसाधनों को पूरी तरह से लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। बताया कि प्रोजेक्ट की मैनेजमेंट टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तरह जुटी हुई है। प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता। बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और अन्य फंसे हुए लोगों को निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
#WATCH | Chamoli, Uttarakhand: District Magistrate Gaurav Kumar reached the spot after water and debris entered the under-construction THDC tunnel at Mayapur (Pipalkoti).
(Source: Information Department, Chamoli) pic.twitter.com/cExGIVMVTe
— ANI (@ANI) August 13, 2026
धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को दी जानकारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीपलकोटी टनल हादसे को लेकर झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता कर हादसे की जानकारी दी। उन्होंने प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आवश्यकता के अनुरूप विशेषज्ञ उपचार, दवाइयों, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने दोनों मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिया कि उनके राज्य के प्रत्येक प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।टनल में गले तक पानी और मलबा भर गया है। रात करीब दस बजे एनडीआरएफ की टीमें तीन वाहनों से टनल में घुसी। नीले रंग के ड्रम भी टनल में ले जाए गए हैं। पानी में इन ड्रमों के सहारे आगे बढ़कर जवान रेस्क्यू अभियान कर रहे हैं।
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