MohanBabuUniversityऔर फिजिक्सवाला के बीच हुई साझेदारी, शिक्षा को उद्योग की ज़रूरतों से जोड़ने की तैयारी

Partnership formed between Mohan Babu University and PhysicsWallah; move aims to align education with industry needs.

छात्रों को प्रौद्योगिकी के लिहाज़ से क्षमता निर्माण के साथ-साथ बदलते रोज़गार के माहौल में आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी व्यापक कौशल विकसित करने के अवसर मिलेंगे।

  • तिरुपति में आयोजित एक कार्यक्रम में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जहां एमबीयू के संस्थापक और कुलाधिपति (चांसलर) डॉ. एम. मोहन बाबू और फिज़िक्सवाला के सह-संस्थापक अलख पांडे ने लोगों को संबोधित किया

तिरुपति: भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक और आंध्र प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय के तौर पर जानी जाने वाली MohanBabuUniversity  (एमबीयू) ने भारतीय एडटेक प्लेटफॉर्म, फिज़िक्सवाला (पीडब्ल्यू स्किल्स) के साथ साझेदारी की है। यह प्लेटफॉर्म, अपने करियर-कौशल मंच के ज़रिए छात्रों को आसानी से उपलब्ध और व्यापक शैक्षणिक अनुभव प्रदान करता है। इसका उद्देश्य है, छात्रों को कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ कार्यस्थल की ज़रूरतों के अनुरूप तैयार करना। इस गठजोड़ के तहत, एमबीयू के छात्र उद्योग का अनुभव हासिल कर सकेंगे, साथ ही इसमें व्यावहारिक शिक्षा और करियर की व्यवस्थित तैयारी भी शामिल होगी। इससे छात्रों को प्रौद्योगिकी के लिहाज़ से क्षमता निर्माण के साथ-साथ बदलते रोज़गार के माहौल में आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी व्यापक कौशल विकसित करने के अवसर मिलेंगे।

शिक्षा और रोज़गार के बीच का अंतर

यह साझेदारी ऐसे दौर में हुई है जब शिक्षा और रोज़गार के बीच का अंतर राष्ट्रीय चिंता का विषय बना हुआ है। ‘विकसित भारत के मानव पूंजी’ रिपोर्ट के अनुसार 2025 में युवाओं की रोज़गार पाने की क्षमता 54.8% थी और भारतीय कंपनियों, खास तौर पर आईटी, इंजीनियरिंग सेवाओं तथा बिक्री के क्षेत्रों में प्रतिभा (कर्मचारियों) की कमी का स्तर 63% था। साथ ही, विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की ‘रोज़गार का भविष्य रिपोर्ट 2025’ में अनुमान जताया गया है कि 2030 तक कर्मचारियों के मौजूदा कौशल में से 39% के बदलने या अप्रासंगिक हो जाने की संभावना है। नियोक्ता विश्लेष्णात्मक सोच (एनालिटिकल थिंकिंग), अनुकूलन क्षमता, प्रौद्योगिकी साक्षरता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा जैसे कौशल को प्राथमिकता देते रहेंगे। इन रुझानों से स्पष्ट है कि एमबीयू जैसे विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा में उद्योग के अनुभव, व्यावहारिक शिक्षा और करियर की तैयारी को और बेहतर ढंग से शामिल करने की ज़रूरत हो सकती है।

इस साझेदारी के तहत, एमबीयू के छात्रों को पीडब्ल्यू स्किल्स के साथ उद्योग की ज़रूरतों के अनुरूप पढ़ाई का अनुभव मिलेगा। इसमें व्यावहारिक प्रशिक्षण, परियोजनाएं, मौजूदा टूल और टेक्नोलॉजी का अनुभव और उद्योग के विशेषज्ञों के सत्र शामिल होंगे। छात्रों को करियर की तैयारी पर केंद्रित सहायता भी मिलेगी, जिसमें सॉफ्ट स्किल, एप्टीट्यूड की तैयारी, विशिष्ट क्षेत्र की तैयारी, भूमिका विशेष की तैयारी और साक्षात्कार की तैयारी शामिल है। यह कार्यक्रम दो-शिक्षक वाले मेंटरशिप मॉडल पर आधारित होगा, जिसमें उद्योग के विशेषज्ञ छात्रों को वास्तविक टूल और उद्योग के माहौल से रू-ब-रू कराएंगे, जबकि एमबीयू के शिक्षक विश्वविद्यालय परिसर में पढ़ाई में मदद करेंगे। सीखने का यह सफर तीन सेमेस्टर में पूरा

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