लखनऊ। BudgetSession विधानसभा में सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विपक्ष के शोर शराबे के बीच अपने 30 मिनट के भाषण में सरकार की उपलब्धियां गिनाई। इस दौरान विपक्षी विधायक सुनने और संवाद करने की जगह नारेबाजी में जुटे थे। इस दौरान ऐसा लग रहा था कि विपक्ष केवल हंगामे के मूड से ही घर से निकला हो।
छह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने प्रदेश को ‘बॉटलनेक स्टेट’ से ‘ब्रेक-थ्रू स्टेट’ के रूप में स्थापित करने में सफलता हासिल की है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प के साथ प्रदेश में लगभग छह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है।
नवंबर 2019 से अब तक माफिया के खिलाफ प्रभावी पैरवी के जरिए 35 माफिया और 94 सह-अपराधियों सहित कुल 129 लोगों को आजीवन कारावास अथवा अन्य अवधि के कारावास व अर्थदंड की सजा दिलाई गई है।दो अपराधियों को मृत्युदंड सुनाया गया है। वर्ष 2017 से अब तक 267 अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हैं, जबकि 977 अभियुक्तों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत निरुद्ध किया गया है। इसके अलावा माफिया अपराधियों से 4,137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
रोजगार सृजन पर सरकार का जोर
राज्यपाल ने बताया कि ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ विजन डॉक्यूमेंट को तैयार करने के लिए राज्य विधानमंडल में उपयोगी चर्चा हुई है। मार्च 2017 के बाद से प्रदेश ने सुशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था, आधारभूत ढांचे के विस्तार, निवेश, रोजगार सृजन और जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे राज्य की भावी विकास यात्रा को मजबूती मिली है। इस वर्ष ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ पर सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन का शुभारंभ किया गया और ‘एक जिला-एक व्यंजन’ योजना को लॉन्च किया गया। प्रयागराज में वर्ष 2025 के महाकुंभ के दौरान लगभग 66 करोड़ श्रद्धालुओं और माघ मेला 2026 में 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है।
समाजवादी पार्टी ने जोरदार विरोध किया
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार के कार्यकाल में महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध किया। विपक्ष ने सरकार से चालू वित्तीय वर्ष के बजट का लेखा-जोखा भी मांगा। विपक्ष एसआईआर (गहन सर्वेक्षण रिपोर्ट), महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। दूसरी ओर, योगी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करने जा रही है।
इसके साथ ही यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर भी भाजपा पर विपक्ष के हमले की संभावना है।
