लखनऊ।Murder of wife यूपी की राजधानी लखनऊ में एक सिरफिरे युवक ने झगड़े के बाद पत्नी पर बांका लेकर टूट पड़ा, उसे गंभीर रुप से जख्मी कर दिया, बचाने पहुंची मां पर भी हमला कर दिया। दोनों महिलाओं को गंभीर हालत में देख पड़ोसियों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। वहीं घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां पत्नी ने रक्तस्राव अधिक होने के कारण दम तोड़ दिया।
यह दिल दहलाने वाली घटना राजधानी के गुडंबा के दसौली गांव की है। यहां के रहने वाले अंकुर ने विवाद के चलते सात माह की गर्भवती पत्नी नीलम (22) पर बांके से हमला कर दिया। हमले में उसका बायां हाथ कोहनी से अलग हो गया। बहू को बचाने पहुंची फूलमती पर आरोपी ने घातक हमला कर दिया। स्थानीय लोगों ने अंकुर को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। घायल दोनों महिलाओं को पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां नीलम की मौत हो गई। उनके गर्भ में पल रहे बच्चे की भी जान चली गई। फूलमती का इलाज चल रहा है।
भंडारे से लौटने के बाद खेला खूनी खेल
दसौली गांव निवासी राम सिंह के मकान में मूल रूप से बाराबंकी के फतेहपुर निवासी अंकुर दो माह से परिवार के साथ किराये पर रहता है। मकान मालिक के अनुसार बुधवार को विश्वकर्मा पूजा पर उन्होंने घर के सामने भंडारे का आयोजन किया था। गांव के सभी लोग उसमें शामिल थे। शाम 5 बजे भंडारे में अंकुर ने लोगों को प्रसाद बांटा। उसके सौतेले पिता दिनेश, छोटा भाई आकाश, बहन चांदनी और मां फूलमती अपने एक कमरे में थे। दूसरे कमरे में सात माह की गर्भवती पत्नी नीलम लेटी थीं। इस बीच आरोपी पत्नी के कमरे में पहुंचा। किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी अंकुर ने पास में रखा बांका उठाया और पत्नी पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। नीलम का दाहिना हाथ कोहनी से कटकर लटक गया और शरीर पर कई जगह गंभीर चोट लगी।
आरोपी को खंभे से बांधा
बहू के चिलाने की आवाज सुनकर सास फूलमती मदद के लिए पहुंचीं तो आरोपी ने मां पर भी बांके से हमला कर दिया। हमले में फूलमती को भी गंभीर चोट लगी। चीख— पुकार सुनकर प्रसाद बना रहे लोग भागकर कमरे मेंं पहुंचे तो आरोपी अंकुर मां पर बांका ताने खड़ा था। चारों तरफ खून ही खून बिखरा हुआ था। लोगों ने उसको पकड़ लिया और एक पिलर से रस्सी के सहारे बांध दिया। स्थानीय लोगों ने नीलम व फूलमती को निजी अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर गुडंबा पुलिस भी पहुंच गई। डॉक्टरों ने दोनों की गंभीर हालत देख ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान गर्भवती नीलम और उनके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। बहन चांदनी ने बताया कि अंकुर व नीलम की एक साल पहले ही शादी हुई थी। नीलम का मायका भी बाराबंकी के फतेहपुर में है। अंकुर का पत्नी से कुछ मनमुटाव चल रहा था। इसी के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया।
