
लखनऊ। आल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन के राष्ट्रीय कमेटी के आह्वान पर देशभर में महिलाओं व बच्चों पर बढ़ते अपराध, नशाखोरी व अश्लीलता पर प्रभावी रोक लगाने हेतु इसके विरोध में विरोध सप्ताह का आयोजन किया गया। इस सप्ताह (3 सितम्बर से 10 सितंबर) में देशभर में जन जागरूकता के तहत लोगों के बीच में पर्चा वितरण कर चर्चा व सभाएं किया गया तथा अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन का आयोजन कर उच्चाधिकारियों से ज्ञापन सौंपा गया। इसी के अनुक्रम में आल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन की आल इंडिया कौंसिल मेम्बर वन्दना सिंह के नेतृत्व में एक ज्ञापन जिलाधिकारी लखनऊ के माध्यम से राज्यपाल उत्तर प्रदेश को भेजा गया। ज्ञापन देने के बाद वन्दना सिंह ने कहा कि मानव सभ्यता के विकास में महिलाओं की भूमिका पुरुषों के बराबर ही रही है। नारी, पुरुष दोनों मिलकर ही इस समाज का निर्माण किया है। लेकिन आज के इस प्रतिक्रियाशील पूँजीवादी समाज-व्यवस्था में औरत को एक उपभोग की वस्तु के रूप में देखा जा रहा है। तमाम प्रचार व मनोरंजन के माध्यमों में भी महिला को इसी रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। नशाखोरी, अश्लील-सिनेमा साहित्य, पॉर्न-साइट्स एवं वीडियोज के कारण आज बड़ी संख्या में छात्र-युवा, आम लोग पतित संस्कृति का शिकार हो रहे हैं। जिससे महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ रही है। जैसे गोरखपुर की महिला कॉन्स्टेबल ट्रेनिंग सेंटर में तमाम अव्यवस्थाओं के साथ बाथरूम में भी कैमरे मिलने की घटना, औरैया में 6 साल की बच्ची के साथ रेप और कानपुर में 6 साल की बच्ची का बलात्कार आदि जैसे जघन्य कुकृत्य हमारे प्रदेश में आए दिन देखने को मिल रहे हैं। समाज का नैतिक स्तर और मूल्य इतना नीचे गिर गया है कि राहों, शिक्षण-संस्थानों व कार्यस्थलों पर भी महिलाएं व बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं।
दूसरी ओर बेलगाम महँगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि समस्याओं से सभी लोग परेशान हैं। इस विकट परिस्थिति में निम्न मांगों पर समुचित कार्यवाही कर महिलाओं पर बढते अपराध, नशाखोरी व अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही करें।
माँगें-
1. महिलाओं व बच्चियों पर बढ़ते अपराधों पर रोक लगाई जाय।
2. नशाखोरी पर रोक लगाई जाय।
3. अश्लील-सिनेमा साहित्य, पॉर्न-साइट्स एवं वीडियोज पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाय।
4. कार्यस्थलों पर महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाय।
5. समान कार्यों के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया जाय।
