प्रयागराज। सपा विधायक Pooja Pal ने कानून व्यवस्था पर जब योगी सरकार की जमकर तारिफ की तो इसका अंदाजा सभी को लग गया था कि अब उन्हें अखिलेश यादव पार्टी से जरूर निकाल देंगे। उन्होंने ऐसा ही किया, क्योंकि वह लगातार योगी सरकार को कानून व्यवस्था पर घेरते थे। जब सपा विधायक ने कहा मुझे मेरी सरकार में नहीं बल्कि योगी जी की सरकार में न्याय मिला तो सदन में बैठे सपाइयों की चेहरे की हवाइयां उड़ गई। विधायक पूजा पाल की नाराजगी की वजह माफिया अतीक अहमद का सपा में वर्चस्व और उनके पति राजू पाल की हत्या के आरोपी की गिरफ्तारी न होना रही है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद यह दूरी खाई में बदल गई। नतीजा सपा के कार्यक्रमों से दूरी, भाजपा नेताओं से बढ़ती नजदीकियां और अब निष्कासन।
जून में ही दिखाए थे बगावती तेवर
बता दें इससे पहले राज्य सभा की वोटिंग के दौरान ही सपा विधायक Pooja Pal ने क्रास वोटिंग की थी। उस दौरान उन्होंने अभय सिंह, राकेश सिंह और मनोज पांडेय के साथ भाजपा का साथ दिया था। अखिलेश यादव की खिसिआहट उस समय भी सामने आई थी, लेकिन पूजा पाल को नहीं निकाल सके थे। पिछले दिनों जब पूजा पाल ने खुलेआम सपा के अपराधियों से प्रेम का भंडाफोड़ किया तो अखिलेश ने पार्टी से निकालकर गुस्सा निकाला। सपा मुखिया अगर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की होती तो उन्हें आज इस तरह के हालात का सामना नहीं करना पड़ता। बता दें पूजा पाल के विधानसभा में आक्रामक होने के चलते हालात बदल गए हैं। इससे पहले वह बसपा से शहर पश्चिमी की विधायक रह चुकी हैं।
योगी सरकार में मिल सकती है जगह
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि Pooja Pal का भाजपा में जाना तय है और मंत्री पद के लिए भी उनका नाम दौड़ में शामिल है। सपा में रहते हुए विधायक पूजा पाल मंत्री नहीं बन सकती थीं। सपा मुखिया ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर मंत्री बनने का रास्ता साफ कर दिया हैं। उनके पति के हत्यारे अभी भी फरार बताएं जाते हैं।
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