अलास्का। विश्व की दो शक्तियों राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई Alaska meeting आखिरकार बिना किसी नतीजे के समाप्त हुई। इस बैठक के परिणाम पर पूरी दुनिया की नजर थी, लेकिन दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई वार्ता कोई हल नहीं निकाल सकी। हालांकि पुतिन ने बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि वे एक ‘समझ’ पर पहुंच गए हैं भले ही समझौता नहीं हुआ। वहीं ट्रंप ने कहा कि हमारी बैठक बेहद फलदायी रही और कई बिंदुओं पर सहमति बनी। अब बहुत कम बिंदु बचे हैं। कुछ उतने महत्वपूर्ण नहीं हैं। एक मुद्दा शायद सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें उस तक पहुंचने की बहुत अच्छी संभावना दिख रही है।
तीन साल सें जंग लड़ रहा रूस
बता दें, रूस यूक्रेन से तीन साल से भी ज्यादा समय से जंग लड रहा है। इस जंग को रुकवाने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अलास्का के एल्मेडॉर्फ-रिचर्डसन सैन्य बेस पर बैठक हुई। बंद कमरे में हो रही इस बैठक में ट्रंप के साथ मार्को रूबियो और विटकॉफ के साथ कुछ अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं रूसी पक्ष में पुतिन के साथ सर्गेई लावरोव और वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव और आर्थिक सलाहकार किरिल दिमित्रिएव भी मौजूद रहे। हालांकि बैठक में दोनों पक्षों में कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई। बैठक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रेस वार्ता के लिए पहुंचे। यह बैठक रूस-यूक्रेन युद्ध पर केंद्रित थी। बता दें कि दोनों नेताओं के बीच 2019 के बाद यह दोनों की पहली आमने-सामने की बैठक है।
शांति की उम्मीद जगी
साझा प्रेस कांफ्रेंस में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा यूक्रेन की स्थिति हमारी सुरक्षा के लिए एक बुनियादी खतरा है। इसके साथ ही, हम इस बात से आश्वस्त हैं कि समझौते को स्थायी और दीर्घकालिक बनाने के लिए, हमें संघर्ष के सभी प्राथमिक कारणों को समाप्त करना होगा। मैं राष्ट्रपति ट्रम्प से सहमत हूं, जैसा कि उन्होंने आज कहा है, कि स्वाभाविक रूप से, यूक्रेन की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। हम इसका स्वागत करने के लिए तैयार हैं। मैं आशा करता हूं कि हम जिस समझौते पर पहुंचे हैं, उससे हमें उस लक्ष्य के करीब पहुंचने में मदद मिलेगी और यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। हम उम्मीद करते हैं कि कीव और यूरोपीय राजधानियां इसे सकारात्मक रूप से समझेंगी और काम में कोई बाधा नहीं डालेंगी। वे प्रगति को बाधित करने के लिए किसी गुप्त सौदेबाजी का इस्तेमाल करके उकसावे की कार्रवाई करने की कोशिश नहीं करेंगी।
ट्रंप से सहमत दिखे पुतिन
बैठक के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आगे कहा कि आज जब राष्ट्रपति ट्रम्प कहते हैं कि यदि वे उस समय राष्ट्रपति होते, तो कोई युद्ध नहीं होता और मुझे पूरा यकीन है कि ऐसा वास्तव में होता। उन्होंने यह भी कहा कि 2022 में पिछले प्रशासन के साथ आखिरी संपर्क के दौरान, मैंने अपने पूर्व अमेरिकी सहयोगी को यह समझाने की कोशिश की थी कि जब शत्रुता की बात आती है, तो स्थिति को उस बिंदु तक नहीं पहुंचाना चाहिए जहां से वापसी संभव न हो। मैंने उस समय सीधे तौर पर कहा था कि यह एक बड़ी भूल है।
नाटो और जेलेंस्की से बात करेंगे- ट्रंप
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा हमारी बैठक बहुत ही उपयोगी रही। कई मुद्दों पर हमारी सहमति बनी। कुछ बड़ी बातें हैं जिन तक हम अभी तक नहीं पहुंच पाए हैं, लेकिन हमने कुछ प्रगति की है। उन्होंने कहा कि जब तक कोई समझौता अंतिम नहीं हो जाता, तब तक कोई समझौता नहीं होता। इसलिए मैं थोड़ी देर में नाटो को फोन करूंगा और उन सभी लोगों से बात करूंगा जो उपयुक्त हैं। मैं निश्चित रूप से राष्ट्रपति जेलेंस्की को फोन करूंगा और उन्हें आज की बैठक के बारे में बताऊंगा। आज हमने काफी प्रगति की है। हम जल्द ही आपसे बात करेंगे और उम्मीद है कि जल्द ही आपसे फिर मिलेंगे।
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