मेरठ। अलकायदा से संबंध रखने वाले Zeeshan से उसके पिता ने रिश्ता तोड़ते हुए कहा, मैं उसकी कोई पैरवी नहीं करूंगा, यदि उसने गलत किया हो तो उसे सजा मिले। बता दें गुजरात एटीएस ने आतंकी संगठन अलकायदा की विचारधारा फैलाने के आरोप में मेरठ के ललियाना गांव निवासी संदिग्ध आतंकी जीशान को उठाकर अपने साथ ले गई है। उसके पिता आसिफ चौधरी ने उसकी पैरवी करने से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि लोग उनको बड़े भाई रियासत से जोड़ रहे हैं, जबकि जब से भाई ने उनके साथ धोखा कर जमीन हड़पी है, उनके परिवार का भाई के घर आना-जाना नहीं है। जीशान की मां मोहसिना अपने बेटे की देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगने के बाद से गुमसुम है।
जीशान के ताऊ का बड़ा नेटवर्क
ग्रामीणों का कहना है कि जीशान के ताऊ रियासत अली का दिल्ली में कांग्रेस सरकार में दबदबा रहा है। उनका गांव से कुछ दूरी पर जंगल में एक फार्म हाउस है। यहां कुछ बच्चे पढ़ते हैं और बाहरी लोगों का आना जाना है। ग्रामीण इसे मदरसा भी कहते हैं। बताया जाता है कि वहां पर देश के कई राज्यों के भी लोग आते हैं तथा कई दिन रुकते हैं। लोगों का कहना है कि आने वाले सभी लोगों के लिए खाने पीने का बंदोबस्त अपने पास से ही करता है।
आज तक यह पता नहीं चला कि उसका खर्चा कहां से आता है, जबकि रियासत अली नेता है। जब इस वारे में रियासत अली से बात करने के लिए हमारी टीम गांव ललियाना उनके खानगा में पहुंची तो पता चला कि वह मवाना जमात के लिए गए हुए हैं।Zeeshan के पिता आसिफ अली ने बताया कि एटीएस द्वारा बेटे की गिरफ्तारी के बाद सुबह से ही मीडियाकर्मी, पुलिसकर्मी और खुफिया विभाग की टीम उनके घर पहुंची। लगातार वह उनकी बातों का जवाब देते देते थक गए हैं, जिसके चलते अपनी दुकान भी बंद करनी पड़ी। उन्होंने सभी से कहा कि जीशान का उनसे कोई वास्ता नहीं है।
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