लखनऊ: लोकबंधु अस्पताल में कैसे लगी आग ? कयासों पर यूं चल रही जांच.. अब उठ रहे सवाल!

लोकबंधु अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं तो पटरी पर आ रही हैं मगर हादसे के जिम्मेदार कौन हैं इस पर लीपापोती शुरू हो गई है। यह तब है जब शासन व जिला प्रशासन स्तर पर जांच कमेटियां बनीं थीं। हादसे को कई दिन गुजर चुके हैं जांच कमेटियों ने पूरे मामले में क्या जांच की इस पर अभी भी परदा पड़ा हुआ है।

लखनऊ । लोकबंधु अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं तो पटरी पर आ रही हैं मगर हादसे के जिम्मेदार कौन हैं इस पर लीपापोती शुरू हो गई है। यह तब है जब शासन व जिला प्रशासन स्तर पर जांच कमेटियां बनीं थीं। हादसे के पांच दिन गुजर चुके हैं जांच कमेटियों ने पूरे मामले में क्या जांच की इस पर परदा पड़ा है। जांच कमेटी से जुड़े लोग आग के कारणों को किसी साजिश से भी जोड़कर देख रहे हैं। मगर यह बिन्दु तो पूरे अस्पताल परिसर की सुरक्षा और लापरवाही की बड़ी कहानी बयां करता है।

अस्पताल में आग के बाद यूं मच गया था कोहराम

बता दें कि सोमवार की रात को आशियाना स्थित लोकबंधु अस्पताल में आग लग गई थी। इसमें एक मरीज की मौत भी हो गई थी और करीब 200 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। घटना को सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद संज्ञान लिया। इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे। शासन स्तर पर जांच कमेटी बनाई गई। जिला प्रशासन स्तर पर भी जांच कमेटी बनीं। लेकिन पांच दिन गुजर चुके हैं हादसे के बारे में कोई भी अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं है। शुक्रवार को लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक अजय शंकर त्रिपाठी से मोबाइल पर सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो उनका फोन नहीं उठा। निदेशक डॉक्टर संगीता गुप्ता ने भी फोन नहीं उठाया।

अब यूं उठ रहे सवाल

लोकबंधु अस्पताल के द्वितीय तल में आग लगी थी। बताया जा रहा है कि टीम की प्रांरभिक जांच में मुख्य बात निकलकर सामने आई है उसमें यह अग्निकांड शार्ट सर्किट या विद्युत से घटित नहीं होना पाया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार स्टोर रूम से लगे शौचालय की वेंटीलेशन खिड़की से कोई जलती हुई चीज फेंके जाने से आग लगना की बात कही जा रही है। अब ऐसे में प्रश्र उठता है कि यदि किसी ने बीड़ी-सिगरेट या अन्य कोई जलती सामग्री फेंकी तो वह सुरक्षा कर्मियों या सीसीटीवी की नजर से कैसे दूर रही। आईसीयू व फीमेल वॉर्ड के आसपास यदि कोई भी व्यक्ति इस तरह की घटना को अंजाम देता है तो पूरे परिसर की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजिमी है।

इन बिंदुओं पर चल रही जांच

आग और धुएं के पैटर्न की जांच की जाएगी, इसके लिए निशान और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण होगा। जले हुए पदार्थों का विश्लेषण किया जाएगा, साथ ही प्रभावित क्षेत्र के फोटो और वीडियो रिकॉर्ड देखे जाएंगे। मौके पर मौजूद मरीजों के तीमारदारों से लेकर कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। मौके पर जाकर पता लगाएंगे कि आग की शुरुआत कहां से हुई, यह किस तरह से फैली, इसका जवाब तलाशा जाएगा। यह भी पता किया जाएगा कि आग किसी लापरवाही से फैली या किसी ने जानबूझ कर तो नहीं लगाई। जांच टीम आग की गतिशीलता का भी अध्ययन करेगी, पता लगाएगी कि अचानक कैसे इतनी विकराल हो गई

बहुत जल्द सुचारू हो जायेंगी सभी सेवाएं

सीएमएस, राजीव दीक्षित, लोकबंधु अस्पताल के मुताबिक ओपीडी में शुक्रवार को लगभग एक हजार मरीज देखे गये। 233 मरीज इमरजेंसी में देखे गये। 33 मरीज भर्ती किये गये। एक आपरेशन भी हुआ। एक नार्मल डिलीवरी भी कराई गई। अस्पताल में मरीजों को कोई असुविधा न हो इसके लिए प्रयास जारी हैं। चार-पांच दिनों में सभी सुविधाएं यथावत हो जायेंगी।

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