कानपुर। Nurtured relationships: एक तरफ जहां पूरे देश में रिश्तों में दगाबाजी की खबरें आम होती जा रही है, वहीं दूसरी ओर यूपी के कानपुर शहर से एक सुकून भरी खबर सामने आई। यहां शादी से पहले आग से जली दुल्हन से शादी करने बर्न वार्ड में दूल्हा पहुंचा, वहीं पर उसकी मांग भरी और वरमाला पहनाकर उसे अपना बना लिया। यह दृश्य देख वहां मौजूद हर कोई भावुक हो गया। सभी लोग दूल्हे के इस कदम की मुक्त कंठ से सराहना कर रहे है।
बता दें कि कानपुर के घाटमपुर के जगन्नाथपुर गांव निवासी जगदीश सिंह की 23 वर्षीय बेटी गरिमा सिंह उर्फ श्वेता की शादी कानपुर के तात्या टोपे नगर निवासी विकास सिंह (27) के साथ तय थी। गुरुवार को बरात आनी थी और 13 मई को घर में मेहंदी का उत्साह था। घर में रिश्तेदारों की भीड़ थी, हंसी-ठिठोली चल रही थी और शादी के गीत गाए जा रहे थे। इसी बीच शाम को किचन में गैस सिलेंडर की पाइप से अचानक रिसाव शुरू हुआ और देखते ही देखते पूरे घर में आग की लपटें उठने लगीं। चीख-पुकार के बीच ग्रामीण आग बुझाने दौड़े, लेकिन तभी चूल्हे पर रखी खौलते तेल की कड़ाही पलट गई। गर्म तेल वहां मौजूद लोगों पर जा गिरा। इस भयावह हादसे में दुल्हन गरिमा, उसके पिता जगदीश और फोटोग्राफर समेत कुल 12 लोग बुरी तरह झुलस गए।
फायर ब्रिगेड ने बुझाई आग
हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया। आनन-फानन में चार एंबुलेंस बुलाई गईं और सभी घायलों को घाटमपुर सीएचसी ले जाया गया। डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए सभी को कानपुर रेफर कर दिया। दुल्हन और उसके परिजनों को जाजमऊ स्थित मिशिका हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई।वहीं इस हादसे की खबर दुल्हन के घर वालों ने वर पक्ष को देकर शादी टालने का अनुरोध किया, लेकिन दूल्हे ने साहसी कदम उठाते हुए कहा कि शादी नहीं टलेगी। इसके बाद होने वाला दूल्हा विकास परिवार के साथ अस्पताल पहुंचा। गरिमा की हालत देख डॉक्टरों और कुछ करीबियों ने सलाह दी कि फिलहाल शादी टाल दी जाए। लेकिन विकास ने साफ शब्दों में कहा, रिश्ता अच्छे वक्त के लिए नहीं, हर वक्त के लिए होता है। अगर आज मैं पीछे हट गया, तो यह गरिमा के साथ नाइंसाफी होगी। मैं अभी और इसी वक्त गरिमा को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करूंगा।
बर्न वार्ड बना मंडप, नर्स बनीं बाराती
विकास की जिद और प्यार के आगे दोनों परिवार नतमस्तक हो गए। अस्पताल प्रशासन से विशेष अनुमति ली गई। इसके बाद अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और परिजनों ने मिलकर बर्न वार्ड के एक हिस्से को फूलों और मालाओं से सजाया। शुक्रवार रात विकास साधारण सफेद शर्ट और काली पैंट पहनकर वार्ड में दाखिल हुआ। वहां कोई बैंड-बाजा नहीं था, केवल अस्पताल की मशीनों की ‘बीप’ और अपनों की दुआएं थीं। बेड पर लेटी गरिमा की आंखों में आंसू थे, लेकिन चेहरे पर विकास के प्रति अटूट विश्वास। विकास ने पवित्र मंत्रोच्चार के बीच गरिमा की मांग में सिंदूर भरा और उसे अपनी जीवनसंगिनी बना लिया। मिशिका हॉस्पिटल के एमडी डॉ. सुरेंद्र पटेल ने बताया, अस्पताल के इतिहास में यह एक दुर्लभ और बेहद भावुक पल था। हमारे नर्सिंग स्टाफ ने खुद आगे बढ़कर वार्ड को सजाने में मदद की। दुल्हन की स्थिति में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उसे रिकवर होने और डिस्चार्ज होने में करीब 8 से 10 दिन का समय लग सकता है।
