Mukhtar Ansar के शार्प शूटर ढाई लाख के इनामी अनुज को यूपी एसटीएम ने झारखंड में मार गिराया

Mukhtar Ansari's sharp shooter Anuj, who had a bounty of Rs 2.5 lakh on his head, was killed by UP STM in Jharkhand

एक दिन पहले ही पुलिस प्रशासन ने एक लाख से बढ़ाकर ढाई लाख की ईनामी रााशि की थी।

मऊ। पूर्वांचल में कभी दहशत का पर्याय रहे Mukhtar Ansar की बांदा जेल में मौत के बाद एक-एक कर उसके गैंग का सफाया यूपी पुलिस कर रही है। माफिया की बरसी के ठीक एक दिन बाद उसके गैंग के सबसे नाम अनुज कन्नौजिया को यूपी एसटीफ ने झारखंड पुलिस के सहयोग से मार गिराया। ऐसा अंदेशा है कि उसके एन्काउंटर के ​पीछे किसी करीबी का हाथ हैं। हालांकि पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी, लेकिन ठीक एक दिन पहले ही पुलिस प्रशासन ने एक लाख से बढ़ाकर ढाई लाख की ईनामी रााशि की थी।

मुख्तार अंसारी गैंग का शार्प शूटर

Anuj Kannaujiya को Mukhtar Ansar  गैंग का शार्प शूटर कहा जाता था। वह पूर्वांचल में कुख्यात था। उसके खिलाफ मऊ, आजमगढ़ और गाजीपुर में हत्या, लूट, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के 23 से अधिक मामले दर्ज थे। गैंग का प्रमुख हथियारबंद सदस्य होने के नाते अनुज का मुख्य काम जमीन कब्जा कराने और सरकारी ठेकों में दबदबा बनाने का था। अनुज कनौजिया की खासियत थी कि वह दोनों हाथों में पिस्टल लेकर एक साथ फायर कर सकता था। इसी खासियत ने उसे मुख्तार अंसारी का करीबी बनाया था।

 गैंग से हुई मुखबिरी

Mukhtar Ansar की मौत के बाद से गैंग के संचालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। कई बार नजदीकी और गैंग में शामिल शार्प शूटरों के नाम सामने आए, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि गैंग का संचालन कौन कर रहा है। पुलिस ने मुख्तार की मौत के बाद गैंग पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। अनुज कनौजिया की भूमिका गैंग में तेजी से बढ़ी थी। इस कारण अंदेशा जताया जा रहा है कि गैंग के भीतर उसको नापसंद करने वाले किसी ने मुखबिरी की।

डीके शाही की बड़ी भूमिका

Anuj Kannaujiya  एनकाउंटर को अंजाम देने में एसटीएफ डीएसपी धर्मेश कुमार शाही की बड़ी भूमिका रही। यूपी एसटीएफ में उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट माना जाता है। देवरिया जिले के नौतन गांव निवासी डीके शाही अब तक 50 से अधिक बदमाशों का एनकाउंटर कर चुके हैं। उनकी वीरता के लिए उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है।अनुज कनौजिया पर इनाम की राशि हाल ही में ढाई लाख रुपए कर दी गई थी।

वर्ष 2020 में अनुज पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद के समय में यह इनाम बढ़ता रहा। अनुज पर एक लाख रुपये के इनाम को दो दिन पहले डीजीपी कार्यालय से ढाई लाख कर दिया गया। अनुज के पिता हनुमान कनौजिया सरकारी टीचर थे। बता दें अनुज भाई पर हुए हमले का बदला लेने के लिए एक हत्या की थी, इसके बाद वह जरायम की दुनिया में कदम बढ़ाता गया अंत में मारा गया।

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