Wednesday, October 5, 2022
HomeUncategorizedतीन सदस्यीय समिति, पूर्वांचल में किसान आन्दोलन को विकसित करने बनाएगी रणनीति

तीन सदस्यीय समिति, पूर्वांचल में किसान आन्दोलन को विकसित करने बनाएगी रणनीति

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में संयुक्त किसान मोर्चा के गठन के लिए लखनऊ के इन्दिरा नगर स्थित रैदास भवन में प्रदेश के 85 किसान संगठनों का दो दिवसीय राज्य स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक के बादहजरतगंज स्थित प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेता डा दर्शन पाल, डा अशोक धावले, भाकियू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरनाम सिंह, गाजीपुर मोर्चा कमेटी के प्रमुख नेता डी. पी. सिंह एवं तजिन्दर सिंह विर्क ने बैठक के निर्णयों एवं आगामी कार्यक्रमों के बारे में पत्रकारों को अवगत कराया।

दो दिवसीय संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक को सम्बोधित करते हुए किसान नेता

27 सितम्बर 2021 को भारत बंद

प्रेसवार्ता में किसान नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 27 सितम्बर भारत बंद को उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक बंद होगा।

17 सितम्बर 2021 को जिला स्तर पर साझा बैठकें होगी

भारत बंद को सफल बनाने के लिए 17 तारीख को राज्य के सभी जिलों में किसान संगठनों की साझा बैठकें होंगी। जिनमें किसान संगठनों के अलावा ट्रेड यूनियन, युवा संगठनों, ट्रांसपोर्टर्स यूनियन, व्यापारी संगठन, महिला और नागरिक संगठनों को भी शामिल रहेंगे।गन्ने के समर्थन मूल्य बढ़ाने, बकाया भुगतान, अवारा पशुओं पर पाबंदी, ट्रयूबवैल कनेक्शन पर फ्री बिजली जैसे उत्तर प्रदेश के मुद्दों को शामिल करते हुए राष्ट्रीय किसान आन्दोलन के साथ राज्यव्यापी आन्दोलन का व्यापक फैलाव किया जाएगा। इसी श्रृंखला में पूर्वी उत्तर प्रदेश में आन्दोलन के विस्तार के लिए आगामी 7 अक्टूबर को वाराणसी में किसान संगठनों की बैठक का निर्णय लिया।

जनजागरण पदयात्रा

2 अक्टूबर,गांधी जयंती पर चंपारण से वाराणसी तक 350 किमी की हजारों लोगों के साथ किसान जनजागरण पदयात्रा बलिया, गाजीपुर होते हुए 20 अक्टूबर को बनारस पहुंचेगी। यू. पी. मिशन के तहत भाजपा और एनडीए के सहयोगी दलों के कार्यक्रमों और नेताओं का बहिष्कार किया जाएगा। अंबानी-अडानी-कारपोरेट के उत्पादों और संस्थानों का बहिष्कार किया जाएगा। टोल प्लाजा जनता के लिए टोल मुक्त किए जाएंगे।संयुक्त किसान मोर्चा, उत्तर प्रदेश की इकाई का गठन हुआ। जिसमें 85 किसान संगठन शामिल हुए। सभी संगठनों में समन्वय बनाने तीन सदस्यीय समन्वय समिति बनाई गई। समिति में हरनाम वर्मा, डी पी सिंह व तेजिंदर सिंह विर्क है।

Google search engine
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments