Thursday, September 29, 2022
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भाजपा हराओ, लोकतंत्र बचाओ मंच का गठन

वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता के. के. शुक्ला बैठक को सम्बोधित करते हुए

लखनऊ । ‘भाजपा को परास्त करो, किसान आन्दोलन को मजबूत करो नारे के आधार पर उ0प्र0/उत्तराखण्ड के कान्तिकारी बाम एवं संघर्षशील ताकतों के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सघन चर्चा उपराना प्रतिभागियों ने राज्य में आसन विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ‘भाजपा’ को परास्त करने व किसान आन्दोलन को मजबूत करने के लिए एक अभियान के संचालन के लिए सर्वसम्मति से “फासीवादी भाजपा” को परास्त करो, लोकतंत्र बचाओ मंच का गठन किया गया।

बैठक की अध्यक्षता आल इण्डिया के अध्यक्ष ओ०पी० सिन्हा व किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष शिवाजी राय ने की। बैठक में बीच वक्तव्य भा०क०पा० (मा०ले०) रेड स्टार के महासचिव का० रामचंद्रन ने रखा। भा०क०पा (मा०ले०) रेड स्टार के उ०प्र० राज्य कमेटी के सचिव का० बाबूराम शर्मा ने स्वागत प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का संचालन का तुहिन देव धन्यवाद ज्ञापन का० विमल त्रिवेदी ने किया। बैठक में पंचायत प्रतिनिधि महासंघ उ०प्र० के साथी चतुरानन ओझा, कलेक्टिव के अमित भा०क०पा० (मा०ले०) लिबरेशन के केन्द्रीय कमेटी सदस्य का० पुरुषोत्तम शर्मा, पी०आर०सी० भा०क०पा (मा०ले०) की ओर से साथ सिद्धान्त व विदूषी इन्कलाबी मजदूर केन्द्र से का० रोहित एस०यू०सी०आई० की ओर से का मिथिलेश कम्युनिस्ट सेन्टर ऑफ इण्डिया से कॉ० संतोष भा०क०पा० (मा०ले०) (कानू सान्याल) की ओर से का० बचाऊराम, किसान संग्राम समिति फैजाबाद के सत्यदेव पाल, पी०यू०सी०एल० गोरखपुर की ओर से साथी फतेह बहादुर सिंह, का० शशिकान्त (काशिकारी किसान यूनियन अलीगढ़) सहित उ०प्र० व उत्तराखण्ड के विभिन्न से आये संघर्षशील संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी। सभी वक्ताओं ने विधानसभा चुनाव में आर०एस०एस० के मार्गदर्शन में संचालित कारपोरेट ताकतों के दलाल घोर जनविरोधी फासीवाद भाजपा को परास्त करना वक्त की जरूरत बताया है।

इसी प्रकार का प्रयोग “फासीवादी आरएसएस-भाजपा के खिलाफ बंगाल विधानसभा के चुनाव के दरमियान प्रगतिशील ताकतों ने छेड़ा था और भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए कारगर सिद्ध हुआ था। इसके अलावा भारत की जनता के दुश्मन नम्बर एक मनुवादी हिन्दूत्व का परचम लहराने वाली भाजपा ही देश में कृषि का कारपोरेटीकरण, शिक्षा का व्यवसायीकरण व भगवाकरण व श्रमिक विरोधी, श्रम सहिताओं को लागू कर रही है। इसलिए देश की राजधानी की सीमा पर चल रहे ऐतिहासिक किसान आन्दोलन को मजबूत करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) एवं कृषि उपज मण्डियों (APMC) को मजबूत करना तथा तीनों कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ चल रहे कारपोरेट राज विरोधी, फासीवाद विरोधी आन्दोलन को मजबूत करना भी इस मंच का उद्देश्य होगा।

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