कन्नौज : Youth Murder यूपी के कन्नौज जिले में एक दिल दहलाने वाली वारदात सामने आई,यहां एक दबंग ने लड्डू न खिलाने से नाराज होकर एक युवक के गले को गमछे से घोंटकर हत्या कर दी। आरोपी कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर आया था। पुलिस ने देर शाम घेराबंदी करके आरोपी को पकड़ लिया।
कन्नौज के मोहल्ला ताजपुर नौकास्त में पुरानी पुलिस लाइन स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी निजामुद्दीन (45) काॅलोनी में ही टेलरिंग का काम करते थे। परिजन के अनुसार मंगलवार को उन्होंने कॉलोनी के पास ही प्लाॅट खरीदा था। बुधवार सुबह करीब सात बजे मोहल्ला शेखाना में अपने दोस्त मुंतजिर के घर मिठाई लेकर गए थे। दरवाजा खटखटाने पर बहन बाहर निकली और बताया कि भाई अभी घर पर नहीं है। इसके बाद टेलर साइकिल पर टंगे झोले से लड्डू निकालने गए, तभी आरोपी वसीक मुल्ला वहां पहुंचा और बहस करने लगा। इसके बाद उसने लड्डू मांगे तो निजामुद्दीन ने मना कर दिया। इससे गुस्साए वसीक ने पहले उसे चप्पलों से पीटा। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग आ गए और बचाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उन्हें सड़क पर पटक दिया और अपने गमछा से टेलर का गला कसकर सड़क पर घसीटा। गला कसने से निजामुद्दीन की मौत हो गई।
भाई की हत्या में जेल गया था वसीक मुल्ला
आरोपी वसीक मुल्ला चार भाइयों में दूसरे नंबर का है। करीब 30 साल पहले उसके बड़े भाई तौफीक ने पिता तौकीर हसन की हत्या कर दी थी और जेल गया था। भाई के जेल से छूट कर आने के बाद वसीक मुल्ला ने उससे बात करना बंद कर दिया था। फिर वसीक मुल्ला करीब 20 साल पहले कहासुनी होने पर भाई तौफीक की लाठी-डंडों से पीट कर हत्या कर जेल चला गया था। उसको कोर्ट ने चार साल कैद की सजा सुनाई थी।
बाग में छिपा मिला वसीक मुल्ला
दर्जी की हत्या के बाद आरोपी वसीक मुल्ला शहर के पास ही एक बाग में छिप गया था। बुधवार की देर शाम पुलिस टीमों ने आसपास के बागों की तलाशी ली, तो वह एक बाग में मिल गया। पुलिस ने सदर कोतवाली में ले जाकर उससे पूछताछ की है। वहीं, आरोपी के परिवार वालों ने किनारा कर लिया है। वसीक मुल्ला ने 20 साल पहले अपने सगे बड़े भाई तौफीक को लाठी-डंडों से पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। चार साल तक सुनवाई के बाद उसे चार साल कैद की सजा सुनाई गई थी। एक साल बाद हाईकोर्ट में अपील कर वह जमानत पर घर आ गया था।
अमरूद की बगिया में रहने लगा
इस बीच उसने परिवार से दूरी बना ली थी और मोहल्ले से दूर खेत में स्थित अमरूद की बगिया में रहने लगा। आरोपी वसीक मुल्ला चार भाइयों में दूसरे नंबर का है। 30 साल पहले उसके बड़े भाई तौफीक पिता तौकीर हसन की हत्या में जेल चला गया था। भाई के जेल से छूट कर आने के बाद वसीक मुल्ला ने उससे बात करना बंद कर दिया था। भाई कलीम ने बताया कि पिता की मौत के बाद वसीक का दिमागी संतुलन बिगड़ गया था। 1999 में उसने बड़े भाई तौफीक (पिता के हत्यारोपी) को लाठी-डंडों से पीट कर मौत के घाट उतार दिया था, जब उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वसीक की पत्नी रिजवाना ने बताया कि जेल से आने के बाद वह अजीब हरकतें करने लगा और परिवार के किसी सदस्य से कोई वास्ता नहीं रखता था।
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