Awas Vikas Action: मेरठ के शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट के 44 व्यावसायिक भवन सील, व्यापारियों की रोजी-रोटी छिन गई

44 Commercial Buildings Sealed in Shastri Nagar Central Market, Meerut; Traders' Livelihoods Snapped

40 साल से बसे सपनों और लगभग 40 हजार लोगों की आजीविका पर सरकारी सील लगा दी।

मेरठ ।Awas Vikas Action: आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से बसाए गए मेरठ के शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट के 44 व्यावसायिक भवनों को सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद सील कर दिया गया। व्यापारियों की माने तो इस बाजार से प्रतिमाह 20 करोड़ रुपये का कारोबार होता था। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में तनाव और आक्रोश देखा गया। महज 9 घंटे के भीतर प्रशासन ने 40 साल से बसे सपनों और लगभग 40 हजार लोगों की आजीविका पर सरकारी सील लगा दी।

इस दौरान दुकानदार, स्कूल व अस्पताल संचालक अधिकारियों से गुहार लगाते रहे। रोते गिड़गिड़ाते रहे लेकिन अधिकारियों ने किसी की नहीं सुनी। सुबह 9 बजे से शुरू हुआ सीलिंग का अभियान शाम 6 बजे तक चला।व्यापारियों ने मंगलवार रात 2 बजे तक बैठक कर सीलिंग रोकने की रणनीति बनाई थी। बुधवार सुबह 5 बजे से ही अलग-अलग पॉइंट्स पर व्यापारियों की तैनाती की गई थी, लेकिन प्रशासन की तैयारी उनसे कहीं बड़ी थी। पुलिस ने सुबह ही बैरिकेडिंग कर दी और चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात कर दी।

सात टीमों ने की कार्रवाई

सुबह 8 बजे आवास विकास के अधिकारियों के दौरे के बाद 9 बजे एमपीजीएस गर्ल्स कॉलेज पर पहली सील लगाकर अभियान शुरू हुआ। सात टीमों ने एक साथ कार्रवाई शुरू की। रंगोली मंडप और सुधा हॉस्पिटल पर सील लगते ही व्यापारियों में हड़कंप मच गया। गुरुद्वारा रोड पर सेंडफॉर्ड अस्पताल, अमेरिकन किड्स स्कूल को सील कर दिया गया। टीम जब डॉ. अशोक गर्ग के क्लीनिक पर पहुंची तो उन्होंने उपकरण निकालने के लिए समय मांगा। इधर दूसरी टीम ने 694/2 वर्धमान अस्पताल, 251/1 बॉक्सी पार्क रेस्टोरेंट और 686/2 स्थित वेयरहाउस पर सीलिंग की कार्रवाई की।सुमित नर्सिंग होम के सामने स्थित 7/2 कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स (30+ दुकानें) को सील होते देख लोग बिलख उठे। वहीं सतेश ढाका का कॉम्पलेक्स भी सील किया गया इसमें नशा मुक्ति केंद्र और दर्जनभर दुकानें थीं।

अधिकारियों ने नहीं सुना

तमाम दुकानदार जिन्होंने दुकानें पीछे कर शटर भी लगा लिए थे, उन्होंने भी खूब तर्क-वितर्क किए। व्यापारियों के परिवार की कई महिलाओं के आंसू तो थम नहीं रहे थे। कई छोटे दुकानदार हाथ जोड़े परिवार की रोजी-रोटी की दुहाई देते रहे लेकिन टीम ने एक नहीं सुनी। इससे पहले छंगा हलवाई वाली गली, श्रीबालाजी स्टोर्स वाला मार्ग और भीतरी गलियों में 144 दुकानें बंद हो चुकी हैं। वहीं, बुधवार को सीलिंग में करीब 350 दुकानें बंद हुई। इनके अलावा स्कूल, अस्पताल और बैंक्वेट हॉल पर भी सील लगी।

अपनों के ही खिलाफ खड़े हुए व्यापारी

जब कॉम्प्लेक्स 492/3 पर सील लगी तो वहां के व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को राहत दी जा रही है। इस कॉम्प्लेक्स में जिसमें होंग्स किचेन, पाहवा गारमेंट्स, गढ़वाल पेंट्स और राजभारती आरोग्यम सेंटर थे। यहां के व्यापारी 498/3 कॉम्प्लेक्स की सीलिंग पर अड़ गए। दोनों पक्षों में जमकर नोकझोंक और हाथापाई की नौबत आई जिसे पुलिस ने बमुश्किल शांत कराया। 498/3 कॉम्प्लेक्स में राज ज्वैलर्स, मित्तल गाउन कनेक्शन, अन्नपूर्णा पूजा केंद्र, कैरियर कोचिंग आदि संचालित हो रहे हैं। बाद में इसे भी सील कर दिया गया।

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