शिमला।Bata Shoes Store कोई दुकानदार या शोरूम संचालक समान के साथ कैरीबैग के रुपये नहीं वसूल सकता है अगर शूल्क लेता है तो उसे महंगा पड़ सकता है। ऐसा ही एक मामला शिमला से सामने आया, यहां एक चप्पल विक्रेता ने उपभोक्ता से कैरीबैग के अतिरिक्त छह रुपये वसूल लिया। उपभोक्ता की शिकायत पर आयोग ने इसे अनुचित मानते हुए दुकानदार पर आठ हजार का जुर्माना लगाते हुए 45 दिन में जमा करने के निर्देश दिए। दरअसल 21 जनवरी 2024 को एक महिला लोअर बाजार स्थित बाटा शूज स्टोर की दुकान पर दो जोड़ी चप्पलें खरीदने गईं। उसने 249.50 रुपये प्रति जोड़ी की हिसाब से चप्पलें खरीदीं। इसका 505 रुपये बिल बना जबकि चप्पलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के अनुसार बिल की राशि 499 होनी चाहिए थी। महिला ने बिल देखकर प्रबंधक से पूछा 6 क्यों लिए गए हैं, तो प्रबंधक ने बताया कि पेपर कैरी बैग के लिए 6 रुपये लिए हैं।
पैसे लेकर प्रचार करने का मामला
महिला को दिए गए कैरी बैग पर बाटा इंडिया लिमिटेड प्रिंट था जबकि इस बैग का असली निर्माता एयूएम पॉलीप्रिंट प्राइवेट लिमिटेड है। दलील दी कि बाटा शूज स्टोर कैरी बैग का निर्माता नहीं है और न ही महिला का इसे कभी खरीदने का इरादा था। आरोप लगे है कि बाटा शूज स्टोर बड़ी चालाकी से ग्राहकों को कैरी बैग का शुल्क लेकर और अपने विज्ञापनों के लिए इसका इस्तेमाल करके बेवकूफ बना रहा है। इसलिए आयोग के समक्ष यह शिकायत दायर की गई। 4 सितंबर 2025 के आदेश में एकपक्षीय कार्यवाही की गई। जिला आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने माना कि विपक्षी पक्ष का यह कर्तव्य था कि वह शिकायतकर्ता को निशुल्क कैरी बैग या पेपर बैग उपलब्ध करवाए। कैरी बैग निश्चित रूप से विपक्षी पक्ष की ओर से बिक्री का अभिन्न अंग है और कैरी बैग के लिए 6 रुपये अतिरिक्त वसूलने का कोई कानूनी या नैतिक अधिकार नहीं था।
शोरूम वसूलते हैं कैरी बैग के पैसे
अधिकतर शोरूम हजारों रुपये की खरीद के बाद कैरी बैग के पैसे वसूलते है। कोई व्यक्ति छोटी-मोटी चीजें खरीदने के लिए रेहड़ी-पटरी वालों के पास भी जाता है, तो रेहड़ी-पटरी वाले या फेरीवाले सामान के साथ कैरी बैग देते हैं या सामान को अखबार में लपेटकर देते हैं। लेकिन बड़े बड़े शोरूम में लोगों से कैरी बैग के पैसे वसूले जा रहे हैं। किसी से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह खरीदा हुआ सामान अपने हाथों में ले लें। ग्राहकों को दुकान परिसर में अपने कैरी बैग लाने की अनुमति न देकर और अपने कैरी बैग को प्रतिफल के रूप में थोपकर सेवा प्रदान करने में कमी मानी जाती है।
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