मनोरंजन डेस्क, मुंबई। भारतीय भक्ति आंदोलन के महान संत, समाज सुधारक और कवि Saint Tukaram अब पहली बार हिंदी सिनेमा के परदे पर नजर आएंगे। लेखक-निर्देशक आदित्य ओम की फिल्म “संत तुकाराम” 18 जुलाई 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है. यह फिल्म 17वीं सदी के इस मराठी संत पर आधारित पहली हिंदी बायोपिक है, जो आध्यात्मिकता, सामाजिक समरसता और भक्ति के मूल विचारों को समर्पित है।
फिल्म का ट्रेलर रिलीज़
फिल्म का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ किया गया है, जिसे सराहना मिल रही है। इस फ़िल्म की खास बात यह है कि इसका निर्माण एक बहुभाषी टीम ने किया है। फिल्म के निर्माता चेन्नई से हैं, जबकि मुख्य अभिनेता महाराष्ट्र से और निर्देशक आदित्य ओम मूलतः तेलुगु सिनेमा से जुड़े रहे हैं. यह मेल भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं के बीच एक सुंदर समरसता प्रस्तुत करता है। फिल्म में सुबोध भावे ने संत तुकाराम की भूमिका निभाई है, जिनके साथ स्क्रीन पर नजर आएंगे संजय मिश्रा, अरुण गोविल, शीना चौहान, शिशिर शर्मा और हेमंत पांडे जैसे अनुभवी कलाकार, निर्देशक आदित्य ओम ने इस फिल्म का लेखन और गीत रचना भी स्वयं की है।
शास्त्रीय और लोक संगीत का समन्वय
फिल्म का संगीत अभंग परंपरा से प्रेरित है, जिसमें शास्त्रीय और लोक संगीत का समन्वय देखने को मिलता है. संत तुकाराम के भक्ति पदों और सामाजिक संदेशों को आधुनिक समय से जोड़ने की कोशिश इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता है।निर्देशक आदित्य ओम का कहना है कि यह फिल्म सिर्फ़ संत तुकाराम के जीवन का चित्रण नहीं है, बल्कि आज के समाज के लिए एक दर्पण भी है. हमें यह समझने की जरूरत है कि संतों की बातें आज भी कितनी प्रासंगिक हैं। यह फिल्म संतुलित, सौम्य और गहन सिनेमाई प्रस्तुति है – जो भारतीय सिनेमा में अध्यात्म की नई आवाज है।
