बिजनेस डेस्क । Vedanta के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी ताकत और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बताते हुए इसमें निवेश करने का सशक्त आह्वान किया है। एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा: “दुनिया की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत की जनसंख्या सबसे युवा है। वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू के अनुसार, एक औसत भारतीय की उम्र सिर्फ 28.7 वर्ष है और 50% लोग इससे भी कम उम्र के हैं। यह भारत के लिए एक बहुत बड़ा लाभ है। आइए, अपने युवाओं-लड़कियों और लड़कों, महिलाओं और पुरुषों-में निवेश करें। वे विश्व विजेता बनेंगे।”

उनकी यह सोच ज़मीनी स्तर पर साकार हो रही है। वेदांता के कौशल विकास कार्यक्रमों ने पिछले पांच वर्षों में पूरे भारत में लगभग 15 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया है, जिनमें ग्रामीण और वंचित समुदायों से आने वाले युवा प्रमुख हैं। देशभर में फैले 200 से अधिक स्किलिंग सेंटर्स और 91% प्लेसमेंट दर के साथ, यह पहल आकांक्षा और अवसर के बीच की खाई को पाटने का कार्य कर रही है। चाहे वह झारखंड की सोलर टेक्निशियन हों या छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करने वाले युवा-वेदांता की यह मुहिम युवाओं को व्यावसायिक कौशल देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। 2030 तक 25 लाख लोगों को सशक्त बनाने के लक्ष्य के साथ, वेदांता युवा भारत को सशक्त बनाने के मिशन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है- न केवल संकल्प लेकर, बल्कि उसे परिणामों में बदलकर नए आयाम दर्ज कर रहा है।
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