InfosysSpringboard आजीविका कार्यक्रम के माध्यम से इंफोसिस फाउंडेशन ने पूरे भारत में 2.5 लाख से अधिक युवाओं के लिए सृजित किए रोजगार के अवसर

Infosys Foundation has created employment opportunities for over 2.5 lakh youths across India through the Infosys Springboard livelihood program.

हमें युवाओं को उनकी महत्वाकांक्षाएं साकार करने और भारत की विकास की कहानी में योगदान देने में सक्षम बनाने के इस प्रयास में भागीदारी करने का गर्व है।’

  • इस आंकड़े के साथ इंफोसिस फाउंडेशन ने 2030 तक भारत में रोजगार के पांच लाख अवसर सृजित करने के अपने लक्ष्य का आधा पड़ाव पार किया
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली : InfosysSpringboard :  इंफोसिस की परोपकारी कार्य करने वाली और सीएसआर इकाई इंफोसिस फाउंडेशन ने इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड आजीविका कार्यक्रम के माध्यम से पूरे भारत में 2.5 लाख से अधिक रोजगार सृजित करने की जानकारी दी है। इस आंकड़े के साथ ही फाउंडेशन ने 2030 तक भारत में रोजगार के पांच लाख अवसर सृजित करने के अपने लक्ष्य का आधा पड़ाव पार कर लिया है। यह इस बात को दर्शाता है कि फाउंडेशन उद्योग के हिसाब से ट्रेनिंग देकर, नौकरी के नए रास्ते बनाकर और मजबूत साझेदारियों के जरिए रोजगार तैयार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

ग्रेजुएट युवाओं के लिए रोजगार

पिछले साल अपनी शुरुआत के बाद से इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड आजीविका कार्यक्रम ने निर्माण ऑर्गनाइजेशन, आईसीटी एकेडमी, मैजिक बस, सेंटम फाउंडेशन और आगा खान रूरल सपोर्ट प्रोग्राम (इंडिया) समेत अपने 20 क्रियान्वयन साझेदारों (इम्प्लिमेंटेशन पार्टनर्स) के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रेजुएट युवाओं के लिए रोजगार के 1.17 लाख अवसर और अंडरग्रेजुएट के लिए 96,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं। इस कार्यक्रम ने शिक्षा एवं रोजगार के बीच के अंतर को पाटने में मदद की है। कार्यक्रम के माध्यम से रोजगार पाने वालों में 1.25 लाख से अधिक महिलाएं और 1000 से अधिक दिव्यांग भी शामिल हैं। यह समावेशी और समतापूर्ण रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में इंफोसिस फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को मजबूती देने वाला है। इंफोसिस फाउंडेशन ने रोजगार प्लेटफॉर्म के लिए असिसटेक फाउंडेशन (एटीएफ) के साथ साझेदारी की है। साथ ही दिव्यांगजनों के लिए रोजगार के अवसरों को विस्तार देने के लिए एसोसिएशन ऑफ पीपुल विद डिसएबिलिटी (एपीडी) के साथ भी फाउंडेशन काम कर रहा है।

ज्यादा सुरक्षित भविष्य सृजित किया

इंफोसिस फाउंडेशन के ट्रस्टी सुमित विरमानी ने कहा, ‘इंफोसिस फाउंडेशन में हमारा मानना है कि शिक्षा की सच्ची सफलता इस बात में नहीं है कि कितने लोग कुशल हो गए हैं, बल्कि यह इस पर निर्भर करता है कि रोजगार ने कितने लोगों के जीवन को बदला है। 2.5 लाख रोजगार के साथ 2030 तक के अपने लक्ष्य का आधा पड़ाव पार कर लेना दिखाता है कि जब पढ़ाई को उद्योग जगत की मांग के अनुरूप ढाला जाए तो कैसे परिणाम संभव हैं। आजीविका से परे यह पड़ाव व्यापक आर्थिक आजादी, सामाजिक विस्तार और लोगों एवं परिवारों के लिए ज्यादा अवसरों का भी प्रतीक है, जिससे ज्यादा सुरक्षित भविष्य सृजित किया जा सकता है। हम भविष्य के अनुरूप कौशल विकास करने, समावेशी रोजगार के अवसर सृजित करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को भारत की विकास की कहानी में सार्थक तरीके से योगदान देने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’
आईसीटी एकेडमी के सीईओ वी. श्रीकांत ने कहा, ‘इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड आजीविका कार्यक्रम ने दिखाया है कि कैसे रणनीतिक साझेदारियों की मदद से भारत के युवाओं के जीवन पर सार्थक एवं स्थायी प्रभाव डाला जा सकता है। आईसीटी एकेडमी में हमारा मानना है कि कोई कौशल सही मायने में तब परिवर्तनकारी हो जाता है, जब उसके माध्यम से सतत आजीविका और आर्थिक सशक्तीकरण की राह पर बढ़ा जा सके। इस पहल के माध्यम से हम देख रहे हैं कि युवा, जिनमें बहुत से वंचित वर्ग से और फर्स्ट जनरेशन लर्नर (परिवार में पहली बार उच्च शिक्षा पाने वाले) बैकग्राउंड से आते हैं, उन्होंने अपने अंदर उद्योग जगत के अनुरूप कौशल विकसित किया है, अपनी डिजिटल प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाई है और सार्थक करियर बनाने के आत्मविश्वास से भरपूर हैं। पढ़ाई को रोजगार के वास्तविक अवसरों के साथ जोड़ने पर फोकस करना इस कार्यक्रम को विशेष तौर पर प्रभावी बना देता है। साथ ही इसने उम्मीदों और अवसरों के बीच की खाई को भरने में भी मदद की है।

आर्थिक रूप से सक्षम बनाना

रोजगार के लिए योग्यता बढ़ाने के साथ-साथ यह कार्यक्रम युवाओं को आर्थिक रूप से आजाद बनने, उनके परिवारों को सपोर्ट करने और समाज में योगदान देने में सक्षम बना रहा है। हम एक समावेशी और भविष्य के लिए सजग वकफोर्स तैयार करने की इंफोसिस की प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं। साथ ही हमें युवाओं को उनकी महत्वाकांक्षाएं साकार करने और भारत की विकास की कहानी में योगदान देने में सक्षम बनाने के इस प्रयास में भागीदारी करने का गर्व है।’
निर्माण ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक, चेयरपर्सन एवं ग्लोबल सीईओ मयूर पटनाला ने कहा, ‘भारत की जनसांख्यिकी का लाभ तभी लिया जा सकता है, जब हर युवा को एक कार्यबल (वर्कफोर्स) के रूप में सफल होने के लिए जरूरी कौशल, अवसर और सपोर्ट मिल सके। इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड आजीविका कार्यक्रम सिर्फ रोजगारपरकता पर फोकस करते हुए ही इस अंतर को नहीं पाट रहा है, बल्कि सतत आजीविका पाने एवं करियर में दीर्घकालिक विकास करने में भी सक्षम बना रहा है। वंचित वर्ग के युवाओं को उद्योग जगत के अनुरूप कौशल देने, कार्यबल का हिस्सा बनने के लिए तैयार करने और अपने सपनों को पूरा करने का आत्मविश्वास पाने में सक्षम बनाने की इस पहल में इंफोसिस फाउंडेशन का साझेदार बनने का हमें गर्व है। साथ मिलकर हम ऐसे अवसर सृजित कर रहे हैं, जिनसे लोगों का जीवन बदलता है, परिवार मजबूत होते हैं और ज्यादा समावेशी एवं कुशल राष्ट्र का निर्माण होता है।’
ttps://uphindinews.in/2026/10/14/pepsico-india/

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