मेरठ। BlueDrumCase :देश को हिलाकर रख देने वाले मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने पति की हत्या करने वाली मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को बुधवार को मृत्युदंड की सजा सुनाई। फैसला सुनाते समय न्यायाधीश ने कहा कि प्रजा जब सोती है तब भी कानून जागता है। साहिल और मुस्कान तुमने सौरभ की हत्या की और उसके शव के टुकड़े करके उन्हें छुपा दिया। तुम्हें मृत्युदंड से दंडित किया जाता है। जिला जज के सजा सुनाते ही खचाखच भरे न्यायालय में भारत माता के जयकारे गूंजने लगे।
जिला जज ने 30 सितंबर 2026 को 22 गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर और दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया था।बुधवार की सुबह सजा के बिंदु पर जिला अदालत में अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकील के बीच बहस हुई। बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों दोषियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। जेल में भी दोनों का आचरण अच्छा रहा है। इसलिए उन पर रहम किया जाए। बचाव पक्ष ने कोई चश्मदीद गवाह नहीं होने का भी हवाला दिया।
वहीं, मुस्कान और साहिल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई। मुस्कान ने अपनी दोनों छोटी बेटियों के भविष्य का हवाला देते हुए अदालत से रहम की अपील की। कहा कि मेरी दो छोटी-छोटी बेटियां हैं, फैसला देते समय इनके भविष्य का ध्यान रखा जाए। बता दें कि सौरभ राजपूत की हत्या करने वाली मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मारकर नीले ड्रम में सीमेंट के घोल के साथ पैक कर दिया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी करार दिया था। तीन मार्च 2025 की रात मुस्कान ने प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या की थी।
क्रूरता सुनकर आज भी सहम जाते है लोग
मुस्कान रस्तोगी ने पति से बेवफाई के लिए प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर जो क्रूरता कि उसे सुनकर आज भी लोग सहम जाते हैं। सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान और साहिल ने पुलिस को चकमा देने और गिरफ्तारी से बचने के लिए कई साजिशें रचीं। पुलिस ने इन साजिशों को साक्ष्य और गवाहों की कड़ियों को जोड़ा और अभियोजन पक्ष ने इन्हें सिलसिलेवार ढंग से अदालत में पेश किया। जांच अधिकारी निरीक्षक रमाकांत पचौरी ने बताया कि दोनों गुनहगारों पर उनकी साजिशों से ही कानून का फंदा कसता चला गया।
नीले ड्रम से निकला था शव
हत्या के बाद दोनों ने पहले पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। बाद में दोनों ने न केवल सौरभ की हत्या करने का अपराध कबूल किया बल्कि शव आदि बरामद भी कराए थे। दोनों ने बताया कि दोनों ने पहले शव के टुकड़े कर एक ब्रीफकेस में रख दिए थे। शव रखने के बाद उन्होंने ब्रीफकेस को उठाया तो उसका हुक टूट गया था। इसके बाद उन्होंने शव को बेड में रख दिया था। बाद में उन्होंने नीले ड्रम में शव छिपाने की साजिश रची थी। जांच अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में अचानक मुस्कान ने कहा कि हमने नहीं मारा, सौरभ को उसके घरवालों ने मारा है। यह शब्द सुनते ही जांच अधिकारी व मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का शक गहरा गया।
नशीली दवा मिलाकर दी
पुलिस को लगा कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि सौरभ कहां है तो मुस्कान ने इतने विश्वास से कैसे कह दिया कि घरवालों ने सौरभ को मारा है यानी उसे पता है कि सौरभ की हत्या हुई है। इसके बाद गहनता से पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हो गया। मुस्कान ने बताया था कि सौरभ वारदात की रात अपनी मां रेनू देवी के घर गया था। वह वहां से कोफ्ते की सब्जी लेकर आया था। इसी सब्जी में मुस्कान ने नशीली दवा मिला दी थी। सौरभ के बेसुध होने के बाद उसने साहिल को घर बुला लिया। इसके बाद चाकू से वारकर सौरभ की हत्या की। वॉशरूम में ले जाकर चाकू व उस्तरे से उसके शव के टुकड़े कर दिए। दोनों ने उसकी गर्दन और कलाइयों को चारों ओर से काटा था।
