सोनभद्र। Death Of Four Worker: यूपी के सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गांव गांव के चार श्रमिकों की मिर्जापुर के अहरौरा की खदान में हुए हादसे में मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया, चारों के परिवारों में कोहराम मच गया। चारों श्रमिक अभी एक रक्षाबंधन का त्योहार मनाने घर आए थे। अब उनके परिवार वाले उन्हें याद— करके रो रहे है।हादसे में बड़गवां गांव के दूधनाथ विश्वकर्मा, अशोक गोंड, राकेश गोंड और लाल बहादुर की मौत हो गई। दूधनाथ के भाई राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि चारों लोग अहरौरा के खनन क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे थे। रक्षाबंधन पर सभी लोग घर आए थे। त्योहार परिवार के साथ मनाने के बाद करीब एक सप्ताह पहले ही काम पर लौटे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी विदाई होगी। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और गांव के लोग घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। दूधनाथ के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे और एक बेटी हैं, सभी छोटे हैं।
बेटी की शादी की तैयारी में जुटे थे अशोक
पूर्व प्रधान अशोक गोंड के परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। घर वालों के अनुसार अशोक जल्द ही बेटी की शादी करने की तैयारी में जुटे थे। बेटी के हाथ पीले करने और घर में शादी की खुशियां देखने का सपना संजोए अशोक कमाने के लिए खदान गए थे, लेकिन हादसे ने परिवार के सपनों को ही उजाड़ दिया। अशोक के पिता बसंत लाल गोंड गांव के प्रधान भी रह चुके हैं। राकेश गोंड और लाल बहादुर के परिवार में भी एक-एक संतान है। दोनों की मौत से उनके घरों में भी चीत्कार मची है।
यह हुए हादसे के शिकार
मिर्जापुर के अहरौरा के भगौती देई क्रशर प्लांट पर शनिवार दोपहर ब्लास्टिंग के कंपन से कमरा और डग धराशायी हो गया। कमरे में मौजूद सोनभद्र के चार मजदूरों की दबकर मौत हो गई। मरने वालों की पहचान सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी लालबहादुर (35), अशोक (35) , राकेश (28) और दुर्योधन (28) के रूप में हुई है।हादसे के बाद क्रशर प्लांट पर हड़कंप मच गया। प्लांट के मालिक अहरौरा के चौकिया गांव निवासी शिव कुमार सिंह उर्फ पिंटू पटेल और अन्य मजदूर और कार्य करने वाले पहुंचे। आनन-फानन में पोकलैंड से चारों मजदूरों को बाहर निकाला गया। तब तक मौत हो चुकी थी। क्रशर प्लांट का लाइसेंस पिंटू पटेल की पत्नी नीलम के नाम पर है। प्लांट मालिक पिंटू बिना पुलिस को सूचना दिए शवों को ट्रक से लेकर चले गए। काफी देर बाद वहां अहरौरा पुलिस पहुंची तो कोई कर्मचारी नहीं था। प्रशासन ने मलबा हटवाकर देखा। मौके पर आयुक्त, डीआईजी, डीएम, एसपी, एएसपी, एसडीएम और सीओ पहुंचे और जांच-पड़ताल की।
