Lucknow: फिजियोथेरेपी प्रैक्टिस में रेडियोलॉजी की भूमिका पर यूं हुआ मंथन, मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच पर दिया गया जोर

Lucknow: Deliberations held on the role of radiology in physiotherapy centers; emphasis placed on a multidisciplinary approach.

कार्यक्रम का संचालन एवं समापन डॉ. आकांक्षा उपाध्याय, न्यूरो फिजियोथेरेपिस्ट, एक्स्ट्रा केयर फिजियोथेरेपी सेंटर ने किया

Lucknow: । फिजियोथेरेपी में आधुनिक इमेजिंग तकनीकों के क्लिनिकल उपयोग और rehabilitation planning को लेकर एक्स्ट्रा केयर फिजियोथेरेपी सेंटर, लखनऊ द्वारा “Radiology in Physiotherapy Practice: Clinical Correlation & Rehabilitation Planning” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन होटल विजय पैराडाइज में किया गया।

मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच पर जोर

कार्यशाला का उद्देश्य फिजियोथेरेपिस्ट को X-ray और MRI की व्यवस्थित व्याख्या, रेडियोलॉजिकल निष्कर्षों का क्लिनिकल सहसंबंध और इमेजिंग के आधार पर रोगी-विशिष्ट पुनर्वास योजना बनाने की व्यावहारिक जानकारी देना था। कार्यक्रम में डॉ. जी.के. सिंह, सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, ऑर्थोपेडिक्स KGMU और डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ, RML अस्पताल लखनऊ विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों ने क्लिनिकल परीक्षण और रेडियोलॉजिकल निष्कर्षों के बेहतर समन्वय तथा मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच पर जोर दिया।

प्रतिभागियों को फिजियोथेरेपी के नजरिए से समझाया

कार्यक्रम में डॉ. सौम्या एन. उपाध्याय, निदेशक, पीतांबर डायग्नोस्टिक्स एवं कंसल्टेंट रेडियोलॉजिस्ट मुख्य अतिथि रहीं। वहीं डॉ. गौरांग पांडे, MBBS, MD रेडियोडायग्नोसिस, KGMU, कंसल्टेंट डायग्नोस्टिक एवं इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट, पीतांबर डायग्नोस्टिक्स ने रिसोर्स पर्सन के रूप में ब्रेन, स्पाइन, शोल्डर और नी के X-ray व MRI को फिजियोथेरेपी के नजरिए से समझाया। कार्यशाला में इमेजिंग निष्कर्षों को मरीज के लक्षण, फिजिकल परीक्षण, कार्यात्मक सीमाओं और पुनर्वास लक्ष्यों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।

बेहतर संवाद पर जोर

इस अवसर पर वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. बृजेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजक डॉ. संतोष कुमार उपाध्याय, न्यूरो फिजियोथेरेपिस्ट एवं निदेशक, एक्स्ट्रा केयर फिजियोथेरेपी सेंटर ने कहा कि आधुनिक पुनर्वास में Clinical Examination + Radiology + Functional Assessment का एकीकरण जरूरी है।

फिजियोथेरेपिस्ट को केवल रिपोर्ट पढ़ने तक सीमित न रहकर यह समझना चाहिए कि इमेजिंग फाइंडिंग का मरीज की गति और कार्य से क्या संबंध है। रेडियोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ और फिजियोथेरेपिस्ट के बीच बेहतर संवाद से अधिक सटीक और प्रमाण-आधारित पुनर्वास संभव होगा।

प्रतिभागियों का जताया आभार

कार्यक्रम का संचालन एवं समापन डॉ. आकांक्षा उपाध्याय, न्यूरो फिजियोथेरेपिस्ट, एक्स्ट्रा केयर फिजियोथेरेपी सेंटर ने किया। उन्होंने विशेषज्ञों, अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए फिजियोथेरेपी में निरंतर क्लिनिकल लर्निंग और मल्टीडिसिप्लिनरी सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।

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