पहली बार बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री, यूं ही नहीं Samrat बने चौधरी, चुनी मेहनत की राह

For the first time, a BJP Chief Minister in Bihar—Chaudhary did not become 'Samrat' by mere chance; he chose the path of hard work.

अब जब भाजपा बड़े भाई की भूमिका में है, तो जदयू से दो डिप्टी सीएम होंगे।

पटना। भाजपा को देश की सबसे बड़ी पार्टी बने वैसे तो एक दशक से ज्यादा समय हो गया, लेकिन बिहार में पहली बार अपना सीएम बनाने जा रही है। राष्ट्रीय जनता दल से होकर जनता दल यूनाइटेड के रास्ते 2017 में भाजपा में आए Samrat चौधरी को बिहार का 24वां मुख्यमंत्री चुना गया है। पहले भाजपा फिर एनडीए की विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट के नाम पर मुहर लगी। पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने उन्हें मखाना की माला पहनाकर अपनी विरासत सौंपी। बुधवार सुबह 10:50 बजे लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। राज्यपाल सम्राट चौधरी के साथ दो डिप्टी सीएम को शपथ दिलाएंगे। इसके बाद बाकी मंत्रियों की शपथ होगी। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, शिवराज सिंह, बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता, एनडीए से सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

जदयू कोटे से दो डिप्टी सीएम

बता दें इससे पहले 2020 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी तो भाजपा ने दो डिप्टी सीएम दिए। इसमें रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को मौका मिला। इसके बाद दो बार फिर एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण हुआ।​ जिसमें दोनों बार डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को बनाया गया। अब जब भाजपा बड़े भाई की भूमिका है, तो जदयू से दो डिप्टी सीएम होंगे। पहले चर्चा थी कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार डिप्टी सीएम बनेंगे। लेकिन, वह नहीं माने। इसलिए जदयू ने भूमिहार जाति से आने वाले विजय चौधरी और यादव जाति से आने वाले बिजेंद्र यादव को डिप्टी सीएम बनाने का फैसला लिया।

भाजपा ने मुझे सेवा का मौका दिया

बिहार में भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि भाजपा ने मुझे सेवा के कई अवसर दिए हैं। मैं करीब 30 वर्षों से एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहा हूं, लेकिन पहले मेरे साथ कोई विचारधारा नहीं थी। मैं 2015 से भाजपा के लिए काम कर रहा हूं। तब से पार्टी ने जो दायित्व दिया, उसे मैंने जिम्मेदारी के साथ निभाया। मुझे पार्टी ने कई पदों पर काम करने का मौका दिया। पार्टी ने मुझ पर भरोसा किया। जब बिहार में एनडीए की सरकार बनी तो मुझे उपमुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य मिला।

2025 में जब दोबारा एनडीए की सरकार बनी तो मुझे गृह विभाग के मंत्री और उपमुख्यमंत्री के तौर पर काम करने का अवसर मिला। आज मुझे फिर से एक बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, इसे मैं निभाने की पूरी कोशिश करूंगा। मैं प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संगठन महासचिव बी.एल. संतोष, शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को आश्वस्त करता हूं कि भाजपा की विचारधारा देश को सर्वोपरि मानने और उसे सर्वश्रेष्ठ बनाने के संकल्प को हम आगे बढ़ाते रहेंगे और पार्टी को प्राथमिकता देंगे। नीतीश कुमार ने बहुत सी बातें सिखाई हैं। सरकार कैसे चलाई जाती है, बिहार में सुशासन कैसे स्थापित होता है और लोकतंत्र के लिए क्या अच्छा है। प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन और नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के संकल्प को साथ लेकर हम बिहार को समृद्ध बनाएंगे और देश को विकसित करने में अपना योगदान देंगे।बता दें कि भाजपा लगातार दो दशक से बिहार में संघर्ष् कर रही हैं, उसे अपना सीएम बनाने के लिए लंंबा संघर्ष करना पड़ा।पार्टी को बूथ तक पहुंचाने के लिए कई नेताओं ने पुलिस की लाठियां खाई जेल गए, तब जाकर जंगल राज को समाप्त करके अब सुशासन का रास्ता प्रशस्त हुआ।

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