लखीमपुर खीरी। UPPSC का परिणाम रविवार रात घोषित हुआ। इनमें कई ऐसे युवाओं ने सफलता हासिल की जिन्होंने मेहनत की और उनके परिवार ने उनका भरपूर्ण साथ दिया। ऐसा ही एक नाम है, लखीमपुर खीरी निवासी वरुण का जिनकी पढ़ाई के लिए पिता ने तीन बीघा खेत तक बेंच दिया, लेकिन बेटे की पढ़ाई नहीं रुकने दी। उनकी सफलता ने आज परिवार को झुमने पर मजबूर कर दिया। लखीमपुर खीरी के अमीरनगर क्षेत्र के गंगापुर ग्रंट निवासी संतराम के पुत्र वरुण कुमार का डीएसपी पद पर चयन हुआ है। इस सफलता के पीछे वरुण का दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और परिवार का संघर्ष रहा है।
प्राइमरी स्कूल से शुरू की थी पढ़ाई
भाई नीरज कुमार ने बताया कि वरुण की प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राइमरी स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने अमीरनगर कस्बे के जहीर हसन अल्पसंख्यक इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई मोहम्मदी के पीडी इंटर कॉलेज से पूरी की। इंटरमीडिएट करने के बाद बीएससी जीएफ कॉलेज शाहजहांपुर से की। इसके बाद वरुण कुमार प्रयागराज चले गए। वहां छह वर्ष तक तैयारी की। नीरज कुमार ने बताया कि उनके पिता संतराम मेहनत मजदूरी करते हैं, लेकिन भाई को पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
कच्चे मकान में रहता है परिवार
नीरज कुमार ने बताया कि भाई वरुण कुमार की पढ़ाई पूरी कराने के लिए पिता ने तीन बीघा जमीन बेच दी। मेहनत मजदूरी की। वहीं वरुण ने दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से पीसीएस में सफलता हासिल की है। वरुण फिलहाल इलाहाबाद में ही हैं। वहां से घर आने पर खुशियां मनाएंगे। वरुण के परिवार में पिता संतराम, माता रामदेवी, भाई नीरज कुमार, बहन पूनम देवी हैं। उनका परिवार गांव में आज भी कच्चे मकान में रहता है।
पिता सोसाइटी में सचिव, बेटी बनीं समाज कल्याण अधिकारी
इसी तरह एक नाम है मितौली क्षेत्र के चटौरा गांव निवासी निधि वर्मा का उनका चयन समाज कल्याण अधिकारी के पद पर हुआ है। निधि के पिता पुत्तू लाल वर्मा मुरासा गांव स्थित साधन सहकारी समिति में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं, जिनमें निधि चौथे नंबर की संतान हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया, जिसका परिणाम आज सामने है।
परिवार के अन्य सदस्य भी शिक्षा और सेवा क्षेत्र से जुड़े हैं। बड़े बेटे अरविंद प्रताप वर्मा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं, जबकि दूसरी संतान बेटी का विवाह हो चुका है। तीसरे नंबर की बेटी लखनऊ विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही हैं। सबसे छोटे बेटे अमरेंद्र प्रताप वर्मा लखनऊ हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। निधि की इस सफलता पर गांव और क्षेत्र के लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
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