लखनऊ । राजधानी के आईआईएम रोड के सरौरा में 108 फीट ऊंची लखनऊ की पहली धर्मध्वजा तले स्थित ख्याति प्राप्त बड़ी भुइयन माता मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं की श्रद्धा एवं आस्था का केन्द्र बना हुआ है। यहां 7 फरवरी, 2026 से चल रहे अखंड श्री सीताराम नाम जाप के बीच माता बड़ी भुइयन मंदिर आनंद गिरि सेवा ट्रस्ट प्रमुख एवं माता सेवक तपस्वी नागा साधु आनन्द गिरि महाराज ने बड़ा ऐलान किया है।
सभी भुइयन माता मंदिर में चलेगा श्री सीताराम जाप
दरअसल यहां चल रहे आयोजन के बीच पत्रकारों से बातचीत में माता सेवक तपस्वी नागा साधु आनन्द गिरि ने बताया कि चैत्र रामनवमी से राजधानी लखनऊ के सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्थित भुइयन माता मंदिर में क्रमवार माता बड़ी भुइयन मंदिर आनंद गिरि सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में 24 घंटे का श्री सीताराम नाम जाप का आयोजन किया जाएगा। जिसके बाद भव्य भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। उन्होंने बताया कि यह क्रम निरंतर चलता रहेगा।
बड़ी भुइयन माता मंदिर सदियों पुरानी आस्था का है केन्द्र
उल्लेखनीय है कि राजधानी के आईआईएम रोड के सरौरा में 108 फीट ऊंची लखनऊ की पहली धर्मध्वजा तले स्थित ख्याति प्राप्त बड़ी भुइयन माता मंदिर में श्रद्धालुओं की आपार श्रद्धा है। यह मंदिर सदियों पुरानी आस्था का केन्द्र है। मंदिर का इतिहास बेहद गौरवशाली है। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि स्थानीय इतिहास का भी अभिन्न अंग है। यहां हर साल सभी पर्व एवं त्योहार भक्तिपूर्ण वातावरण में श्रद्धापूर्वक मनाए जाते हैं।
धार्मिक अनुष्ठानों का केन्द्र बना बड़ी भुइयन माता मंदिर
माता सेवक तपस्वी नागा साधु आनन्द गिरि ने बताया कि वर्ष भर यहां विभिन्न भव्य धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन किया जाता है। जिसमें सुमेरू रूद्र महायज्ञ, शतचण्डी महायज्ञ, हनुमत महायज्ञ आदि प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि लोगों में सद्बुद्धि, सद् व्यवहार एवं धर्म का विकास ही इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य है।
नागा साधु आनन्द गिरि का आह्वान
वहीं तपस्वी नागा साधु आनन्द गिरि ने श्रद्धालुओं का आह्वान करते हुए कहा कि यह अनुष्ठान लोगों के कल्याण के लिए किया जा रहा है। इसलिए अधिक से अधिक श्रद्धालु इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान में सम्मिलित हों, जिससे उन्हें इसका लाभ प्राप्त हो सके। नागा साधु आनन्द गिरि ने कहा कि मंदिर में अखण्ड श्री सीताराम नाम जाप चल रहा है। जो भी श्रद्धालु जप करना व करवाना चाहते हैं, अपना संकल्प लेकर जप कर व करवा सकते हैं।
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