वाराणसी।soory hatyaakaand यूपी कॉलेज में दिन दहाड़े हुई हत्या में रोज नए खुलासे हो रहे है। कॉलेज परिसर में सूर्य प्रताप और उसके साथियों द्वारा शुक्रवार की सुबह पिटाई से मंजित इतना आहत हो गया कि वह पिस्टल फुल मैगजीन के साथ परिसर में पहुंचा और सूर्य को दौड़ाकर गोली मार दी। हत्या के बाद आरोपी मंजीत चौहान सर्किट हाउस रोड होते हुए कचहरी में एक अधिवक्ता के चैंबर में छिप गया था। छत से कूदकर भागने के दौरान उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। ऐसे में उसने किसी तरह कचहरी पहुंचने के बाद अपने एक परिचित को फोन लगाया।
कॉलेज के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस के आधार पर मंजीत की तलाश में एसओजी समेत पुलिस की छह टीमें गठित की गई थीं। कचहरी स्थित एक अधिवक्ता के चैंबर में पहुंचे मंजीत के बारे में पुलिस को उसी अधिवक्ता ने सूचना दी। गिरफ्तारी के दौरान मंजीत पुलिस से उलझना चाह रहा था, लेकिन एनकाउंटर के डर से वह शांत हो गया। अधिवक्ता के यहां छिपे मंजीत को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा गया।
सूर्य प्रताप से परेशान था मंजीत
मंजीत ने पुलिस को बताया कि सूर्य की दबंई से वह परेशान हो गया था। हॉस्टल के छात्रों का साथ पाकर सूर्य खुद को कॉलेज का शहंशाह समझ बैठा था। सूर्य की हत्या के लिए उसने भदोही से 35 हजार रुपये में देसी पिस्टल खरीदी थी। दो साल से वह अवैध पिस्टल अपने साथ रखता था। वारदात वाले दिन कॉलेज परिसर में सूर्य को दौड़ाकर सीने और सिर में गोली मारी।
शनिवार को शिवपुर पुलिस ने आरोपी को रिमांड मजिस्ट्रेट सौम्या पांडेय की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने न्यायिक रिमांड बनाते हुए आरोपी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। एहतियातन कोर्ट में कैंट समेत तीन थानों की फोर्स तैनात रही और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। एसओजी की पूछताछ में सामने आया कि छोटी-छोटी बातों पर सूर्य की टोका-टिप्पणी मंजीत को नागवार लगती थी।
सूर्य के साथी आकाश और उत्कर्ष ने मंजीत को रोकने का प्रयास किया, लेकिन पिस्टल से निकलती गोलियों की वजह से वे सूर्य के नजदीक जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। वारदात के समय कक्षा संख्या 11 के सामने एक महिला प्रोफेसर और कुछ छात्राओं ने सूर्य को बचाने की गुहार लगाई, लेकिन मंजीत ने रहम नहीं किया।
कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय में वारदात के बाद वह एक मंजिला, छत से कूदकर बाहर की ओर भागा। छत से कूदने में उसका पैर फ्रैक्चर हो गया और सिर भी फट गया। ई-रिक्शा से वह गिलट बाजार पहुंचा। चोट के कारण वह अधिक दूर नहीं जा सका। उसने अपने एक परिचित को कॉल कर घटना की जानकारी दी।
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग
वाराणसी के यूपी कॉलेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह हत्याकांड के दूसरे दिन शनिवार को गांव दुबैइठा में पिता ऋषि देव सिंह से मिलकर एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने शोक संवेदना व्यक्त की। एमएलसी ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने उठाएंगे। उन्होंने पीड़ित परिवार को 5 लाख की आर्थिक सहायता भी प्रदान की।यूपी कॉलेज में शुक्रवार को दिनदहाड़े सूर्य प्रताप की आरोपी मंजीत चौहान ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। देर शाम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके साथी अनुज की तलाश की जा रही है। छात्रों का आरोप है कि मंजीत का आपराधिक इतिहास रहा है।सूर्य पिछले 10 दिनों से चिकनपॉक्स के कारण घर में था लेकिन प्राचार्य के बुलाने पर वह कॉलेज गया था। डीएम अविनाश कुमार, एसपी डॉ. ईरज राजा, सैदपुर एसडीएम रामेश्वर सुधाकर भी सूर्य प्रताप के घर पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की।
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