लखनऊ : सहालग सर पर ! सोने-चांदी की बेकाबू कीमतों ने सर्राफा व्यापारियों से लेकर आम जनता की यूं बढ़ाई मुश्किलें

सोने व चांदी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए चौक सर्राफा एसोसिएशन लखनऊ के महामंत्री एवं ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन (कैट) के उत्तर प्रदेश संयोजक विनोद महेश्वरी ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

लखनऊ । सहालग सर पर है और सर्राफा बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है। सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उछाल ने सर्राफा कारोबारियों से लेकर आम जनता के सामने भी मुश्किले खड़ी कर दी है । बसंत पंचमी से सहालग शुरू हो जाएगी, लेकिन बाजार में ग्राहक के नाम पर गिने चुने लोग ही दिख रहे हैं। जबकि सहालग शुरू होने से पहले ही लोग शादी की खरीददारी करने लगते थे।

बुधवार को लखनऊ में सोने के दाम 1 लाख 61 हजार प्रति दस ग्राम रहे। वहीं चांदी में आज फिर 16 हजार की बढ़त दर्ज की । मंगलवार को एक किलो चांदी के दाम 3 लाख 16 हजार थे जो बुधवार को 3 लाख 32 हजार प्रति किलो हो गए। चांदी लगातार अपने ऑॅल टाइम हाई पर है। सोने व चांदी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए चौक सर्राफा एसोसिएशन लखनऊ के महामंत्री एवं ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन (कैट) के उत्तर प्रदेश संयोजक विनोद महेश्वरी ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ।

मिडिल क्लास जनता की टूटी कमर

उन्होंने कहा कि इन असामान्य दामों ने देश की मिडिल क्लास जनता की कमर तोड़ दी है और छोटे-मझोले सर्राफा व्यापारी आजीविका खोने की कगार पर खड़े हैं। महेश्वरी ने पत्र में उल्लेख किया कि ग्राहक खरीदारी करने में असमर्थ हैं, शादियां टल रही हैं और स्थानीय बाजारों में कारोबार पूरी तरह से ठप होता जा रहा है।

उन्होंने चिंता जताई कि कई छोटे व्यापारी दिवालिया हो चुके हैं, घाटा कवर न कर पाने के कारण मानसिक तनाव बढ़ रहा है और कुछ स्थानों पर आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि सोना-चांदी अब सांस्कृतिक और पारंपरिक आवश्यकता की वस्तु न रहकर सट्टा बाजार का साधन बन गई है।

तीन प्रतिशत जीएसटी तत्काल हटाने की मांग

तीन प्रतिशत जीएसटी, ऊंचा आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) और एमसीएक्स में अनियंत्रित सट्टेबाजी ने हालात को और अधिक बिगाड़ दिया है। सर्राफा संगठनों ने सरकार से मांग की है कि सोना-चांदी पर लगाया गया 3 प्रतिशत जीएसटी तत्काल हटाया जाए या कम से कम 1 प्रतिशत किया जाए। साथ ही आयात शुल्क में कटौती की जाए और एमसीएक्स में सट्टेबाजी पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए।

उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि शादी-विवाह से जुड़े आभूषणों को विशेष राहत श्रेणी में रखा जाए या वाहन और मकान की तरह ईएमआई सुविधा प्रदान की जाए। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो देश का पारंपरिक लोकल सर्राफा बाजार समाप्त हो जाएगा और लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। सर्राफा समुदाय को उम्मीद है कि केन्द्र सरकार उनकी पीड़ा को समझते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी ।

इसे भी पढ़ें..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Nyara M. Banerjee dominates every frame. गणेश जी के विविध नाम अंतरा बनर्जी की तस्वीर से मचा हड़कंप Rumors of Palak Tiwari and Ibrahim dating. Community unites against child labour, holds awareness rally.