Pilibhit News। प्रशासन द्वारा पांच साल पहले निरस्त किए गए आंवटन के बाद भी सपा ने पीलीभीत जिला मुख्याल स्थित सरकारी भवन से अपनी सामान नहीं निकाली। मजबूर नगर पालिका अधिकारियों ने शनिवार को पुलिस फोर्स की मौजूदगी मेंं ताले तोड़कर सपा का सामान बाहर निकलवाकर भवन पर कब्जा कर लिया। बता दें छह माह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से चेयरमैन डॉ. आस्था अग्रवाल ने मुलाकात करके पूरी जानकारी दी थी, इसके बाद कार्रवाई की गई। इस दौरान कोई भी सपाई विरोध जताने नहीं पहुंचा।
पांच साल पहले किया आवंटन निरस्त
पीलीभीत के नकटादाना चौराहा पर स्थित अधिशासी अधिकारी आवास का एक कमरा और आंगन 2005 में नगर पालिका बोर्ड द्वारा अस्थाई रूप से समाजवादी पार्टी कार्यालय के लिए किराए पर दिया गया था। सत्ता परिवर्तन के तीन साल बाद 12 नवंबर 2020 को सपा को किया गया आवंटन निरस्त कर दिया गया था। तत्कालीन जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव की ओर से उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य को प्रतिवादी बनाते हुए योजित की गई थी, जिसे एक दिसंबर 2020 को वापस ले लिया गया। 2021 में सपा के तत्कालीन जिला महासचिव यूसुफ कादरी ने नगपालिका पीलीभीत, ईओ के प्रतिवादी बनाते हुए एक वाद न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन में योजित कर दी गई।
सीएम के सामने उठाया था मुददा
नगर पालिका पीलीभीत की चेयरमैन डॉ.आस्था अग्रवाल ने इस मुद्दे को 18 मई को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा और भवन खाली कराने का आग्रह किया। इसके बाद शासन स्तर से मुहिम चली और प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाईयां तेजी से हुई। 10 जून को कार्यालय खाली कराने का पहला प्रयास छह दिन की मोहलत देकर टला। 17 जून को दोपहर बाद जब सपा कार्यालय के बाहर भवन खाली करने का नोटिस चस्पा हुआ। 18 जून को कार्रवाई चली और भवन पर नगरपालिका के ताले भी डाल दिए गए। भवन के बाहरी हिस्से की रंगाई पुताई कराकर उस पर कब्जा लेने की बात कहते हुए नगर पालिका ईओ आवास भी लिखवा दिया गया था। इधर, सपा नेताओं की ओर से न्यायालय में स्टे को लेकर प्रार्थना पत्र दिए गए। जिस पर अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है।
पांच माह बाद शनिवार को अचानक कार्रवाई हुई और ईओ आवास पर पूर्णतया कब्जा ले लिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर, एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह, सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी भारी पुलिस बल के साथ नकटादाना चौराहा पर ईओ आवास के बाहर पहुंच गए। ईओ संजीव कुमार भी नगरपालिका टीम के साथ थे। अधिकारियों की मौजूदगी में भवन पर डाले गए ताले तोड़कर टीम भीतर घुसी और फिर वहां पर रखा समाजवादी पार्टी का सामान बाहर निकाल लिया गया।
सपा जिलाध्यक्ष ने बताया मनमानी
ईओ आवास के भवन पर हुई कार्रवाई के बाद सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने कुछ ही दूरी पर स्थित लोकसभा कार्यालय पर प्रेसवार्ता का आयोजन किया। जिसमें उन्होंने इस कार्रवाई को मनमानी बताया। इसके अलावा एक तहरीर भी अपर जिलाधिकारी को दी गई है। जिसमें मौजूद अधिकारियों पर भी लूटपाट करने के आरोप लगाए हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रसून द्विवेदी को दी गई जिलाधिकारी के नाम संबोधित तहरीर में सपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि नकटादाना चौराहा पर स्थित सपा कार्यालय का मुकदमा सिविल जज सीनियर डिवीजन न्यायालय में विचाराधीन है। जिसमें लगातार सुनवाई भी हो रही है। न्यायालय के आदेश पर कमीशन भी हो चुका है, जिसकी रिपोर्ट पत्रावली पर दाखिल है। उक्त वाद में स्टे के प्रार्थना पत्र पर 4 दिसंबर की तिथि निश्चित है। नगरपालिका भी इस वाद में उपस्थित है। इसके बावजूद शनिवार सुबह 11::30 बजे ईओ संजीव कुमार अन्य कर्मचारी पहुंचे।परिसर में लगे फ्लैक्स आदि भी उतार दिए गए। जिसको ट्रैक्टर ट्रॉली में लादकर नगर पालिका के भंडारण केंद्र में रखवा दिया गया है। परिसर से निकाले गए सामान की सूची भी अधिकारियों ने बनाई है। फिर नगरपालिका के कर्मचारियों को लगाकर साफ सफाई शुरू करा दी गई है।
Mindspace REIT का बड़ा दांव: मुंबई और पुणे में ‘प्रीमियम एसेट्स’ का अधिग्रहण
