बाराबंकी। विवाह के दौरान अधिकांश दूल्हे अपनी मांगे मनवाने के लिए नाटक करते है, जिसे मजबूरी में कन्यापक्ष को पूरी करनी पड़ती है। ऐसे ही एक दूल्हे को मंडप में ड्रामा करना भारी पड़ गया। दूल्हे की डिमांड सुनकर दुल्हन जब रोने लगी तो वहां मौजूद उसके प्रेमी से देखा नहीं गया। और उसने आगे बढ़कर उसका हाथ थामते हुए उसकी मांग भर दी। यह देख वहां मौजूद और बराती— घराती और दूल्हा भौचक्क रह गए। काफी हंगामे के बाद आपसी समझौता हुआ, इसके बाद बरात बिना दुल्हन के लौट गई।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के बंकी कस्बा का है। यहां के उत्तर टोला निवासी नरेश की बेटी मोहनी (21) की शादी कोठी क्षेत्र निवासी विकास सोनी से तय थी। 24 सितंबर की शाम बरात पहुंची। स्वागत-सत्कार के बाद मंडप में रस्में चल रही थीं। इसी बीच वर पक्ष ने डेढ़ लाख रुपये नकद और डेढ़ तोला सोने के जेवर की मांग की। मांग पूरी न होने पर बरात वापस ले जाने की धमकी दी। विवाद बढ़ता देख मोहनी रोने लगी। वह रोते हुए वहीं पर मौजूद बहन के देवर शिवांश के पास पहुंची। शिवांश ने उसे रोता देखा तो उसने उसी समय उसकी मांग भर दी। यह देख सभी के होश उड़ गए।
मामला बिगड़ता देख पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को अपने साथ ले गई। कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं दी गई है। दोनों पक्ष आपसी समझौते पर राजी हो गए हैं। वहीं, वर पक्ष ने दहेज की मांग के आरोपों को फर्जी करार दिया है। कहा कि उनके साथ जबरन यह नाटक रचा गया है।
