बरेली। यूपी में धर्मांतरण कराने वालों की जड़े इतनी गहरी तक जम चुकी है कि अब एक के बाद एक शहर में इस तरह के मामले सामने आ रहे है। कुशीनगर, आगरा के बाद बरेली के भुता में धर्मांतरण कराने वालों का रैकेट पकड़ा गया। भुता के मदरसे में मौलाना और उसके साथी धर्मांतरण कराने का सिंडिकेट चला रहे थे। राजकीय इंटर कॉलेज के दिव्यांग प्रवक्ता का ये लोग धर्म परिवर्तन करा चुके थे। प्रवक्ता का खतना कराने से पहले पुलिस ने गिरोह के सरगना अब्दुल मजीद समेत चार आरोपियों को दबोच लिया, सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
शादी का लालच देकर कराते थे धर्म परिवर्तन
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने मंगलवार को बताया कि गिरोह के लोग दिव्यांगों को शादी का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराते थे। अलीगढ़ के थाना क्वारसी क्षेत्र की अखिलेश कुमारी ने भुता थाने में फैजनगर निवासी अब्दुल मजीद, महमूद बेग, सलमान और आरिफ व एक अन्य के खिलाफ तहरीर दी।आरोप लगाया कि इन लोगों ने उनके दृष्टिबाधित पुत्र प्रभात उपाध्याय को शादी का देकर। उसे जबरन फैजनगर स्थित मदरसे में रोक रखा है। उसका धर्मांतरण करना चाहते हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। जांच में भोजीपुरा के सैदपुर चुन्नीलाल निवासी मोहम्मद फईम का नाम सामने आया।
खतना की चल रही थी तैयारी
एसपी दक्षिणी ने बताया 25 अगस्त को भुता थाने की पुलिस फैजनगर स्थित मदरसा पहुंची। वहां चार-पांच लोग प्रभात को घेरे बैठे थे। प्रभात के खतना की तैयारी चल रही थी, उसे हामिद बनाया जाना था। पुलिस ने खतना रुकवा दिया। तलाशी के दौरान प्रभात के पास 10 पुस्तकें बरामद हुईं। 12 सीडी मिलीं, जिनमें जाकिर नाइक के वीडियो हैं। इसके अलावार आरोपियों से धर्मांतरण के तीन प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, आधार कार्ड जैसे दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस ने थाना भुता के फैजनगर निवासी अब्दुल मजीद, सुभाष नगर के करेली निवासी सलमान, आरिफ, थाना भोजीपुरा के सैदपुर चुन्नीलाल निवासी फईम को गिरफ्तार कर लिया।
ब्रजपाल को बनाया अब्दुल्ला
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरोह ने बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र निवासी ब्रजपाल साहू को अब्दुल्ला बनाया था। उसकी बहन राजकुमारी का धर्मांतरण कर आयशा और मां ऊषा कुमारी को अमीना बनाया है। आरोपियों ने एक किशोर का भी ब्रेनबॉश किया है। उसे ड्रग्स का आदी बनाया, इससे उसकी मानसिक अवस्था पर असर पड़ा और उसके तौर-तरीके बदल गए। एसपी दक्षिणी ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी कई राज्यों में घूमकर चंदा जुटाते और मदरसा चलाते थे। सलमान और उसकी बीवी के 12 बैंक खाते हैं। अब्दुल मजीद के पांच खाते हैं। इनमें दो हजार से ज्यादा ट्रांजेक्शन मिले हैं। ऐसे में विदेशी फंडिंग के बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है। इन लोगों का छांगुर गैंग से कोई कनेक्शन तो नहीं है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
