वाराणसी हत्याकांड: हर माह दस लाख की आमदनी, पांच मौतों से पहले भी चुकी है चार मौतें, जानिए पूरा मामला

वाराणसी: रविवार रात वाराणसी के भदैनी क्षेत्र में व्यापारी राजेंद्र गुप्ता, उसकी पत्नी नीतू और तीन बच्चों की गोली मार कर हत्या कर दी गई। पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार संपत्ति के लालच में राजेंद्र ने 28 साल पहले छोटे भाई कृष्णा और उसकी पत्नी मंजू की हत्या भाड़े के शूटरों से कराई थी। वर्ष 1997 में राजेंद्र पर उसके पिता लक्ष्मी नारायण गुप्ता और उनके एक चौकीदार की हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। हालांकि, राजेंद्र की मां शारदा देवी ही मामले में वादी थी।

इस कारण मां को अपने पक्ष में करके वह जेल से बाहर आ गया था। वहीं, कृष्णा और मंजू की हत्या का मामला रफा-दफा हो गया। जेल से बाहर आने के बाद वर्ष 1999 में उसने भदैनी में किरायेदार एक ब्राह्मण परिवार की नीतू से प्रेम विवाह किया था। नीतू से प्रेम विवाह के बाद ही परिजन ने उससे नाता तोड़ लिया था। राजेंद्र गुप्ता के बाबा पन्ना साव अपने दौर के संपन्न लोगों में शुमार थे। भदैनी इलाके के लोगों ने बताया कि पन्ना साव किराये पर 150 रिक्शा चलवा कर बड़े पैमाने पर चल-अचल संपत्ति के मालिक बन गए।

बाबा भी थे संपन्न

बाबा और पिता के बूते ही राजेंद्र का भदैनी में आलीशान मकान और जमीन है। शिवाला में उसकी जमीन पर ही देसी शराब का ठेका है। किरायेदार भी रहते हैं। मीरापुर रामपुर गांव में वह मकान बनवा रहा था। इसके अलावा छित्तूपुर सहित कुछ जगहों जमीन खरीदी थी। राजेंद्र के करीबियों ने बताया कि भदैनी व शिवाला के किरायेदारों और शराब ठेका संचालक से प्रति माह राजेंद्र को 10 लाख रुपये से ज्यादा किराया मिलता था।

निर्माणाधीन मकान में मिला शव

भदैनी पावर हाउस के सामने की गली में राजेंद्र गुप्ता का पांच मंजिला मकान है। मकान के अगले हिस्से में प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल पर राजेंद्र का एक-एक फ्लैट है, जबकि अन्य फ्लैट और उससे सटे टिनशेड में 40 किरायेदार रहते हैं। राजेंद्र के साथ घर में मां शारदा देवी के अलावा उसकी दूसरी पत्नी नीतू, बेटे नवेंद्र व सुबेंद्र और बेटी गौरांगी रहते थे। मंगलवार की सुबह 11 बजे घर की सफाई करने के लिए रीता देवी प्रथम तल स्थित फ्लैट पर पहुंची। दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई।

इस बीच रीता ने धक्का दिया तो दरवाजा खुल गया। अंदर जाने पर रीता ने देखा कि नीतू का शव पड़ा था। वह भाग कर दूसरे तल के फ्लैट में गई तो वहां एक कमरे में नवेंद्र का शव था और गौरांगी एक कोने में मृत पड़ी थी। वहीं, सुबेंद्र का शव बाथरूम में मिला। राजेंद्र के मोबाइल नंबर को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से ट्रैक करना शुरू किया तो उसकी लोकेशन मीरापुर रामपुर गांव में मिली। पुलिस वहां पहुंची तो निर्माणाधीन मकान के एक कमरे में मच्छरदानी लगे बिस्तर पर राजेंद्र का शव पड़ा था।वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश यह ठान कर आए थे कि पूरे परिवार का सफाया करके ही जाना है। इसलिए नीतू और उनके तीन बच्चों के सिर पर एक से ज्यादा गोली मारी गई थी। राजेंद्र की दाईं कनपटी और सीने पर गोली मारी गई थी।

तीसरी महिला से संबंध

पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र ने दो शादी की थी। हाल के दिनों में एक अन्य महिला से भी उसकी करीबी बढ़ी थी। राजेंद्र की पहली पत्नी अपने बेटे के साथ कई साल से पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रहती है। इन्हीं सभी बिंदुओं को वारदात की वजह मान कर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस की 10 टीमें जांच कर रही हैं।

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