टनल में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए संघर्ष जारी, देर शाम तक सभी को सुरक्षित निकालने की उम्मीद

देहरादून।​ दीपावली के त्योहार के दिन उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सुरंग में हुए भूस्खलन के बाद टनल में काम कर रहे मजदूर फंस गए हैं। उन्हें बचाने के लिए तेजी से अभियान चलाया जा रहा है। बचाव दल ने सोमवार शाम तीन बजे तक सुरंग में 15 मीटर तक मलबा हटाकर घुसक गई है। अभी लगभग 35 मीटर और मलबा साफ करना होगा। फिलहाल टनल में फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं। उन्हें पाइप के माध्यम से भोजन और पानी पहुंचाया जा रहा है। बचाव दल के अनुसार सोमवार देर शाम तक मजदूरों के पास पहुंचने की उम्मीद है। टनल में फंसे मजदूर यूपी, बिहार, झारखंड और ओडिशा के हैं।

मुख्यमंत्री पहुंचे घटनास्थल पर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना लिया।मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह सुरंग निर्माणाधीन थी जो लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी होनी थी, जिसमें से मात्र 400 मीटर ही तोड़े जाने के लिए बाकी था। अचानक बीच में मलबा गिरने की वजह से 40 मजदूर सुरंग के अंदर फंस गए हैं। बचाव का काम तेजी से हो रहा है। रात को उनसे संपर्क भी स्थापित हो गया था। सुरंग के अंदर ऑक्सीजन, पानी और खाद्य सामग्री भेजी जा रही है।

सचिव आपदा प्रबंधन ने ली जानकारी

घटना की जानकारी लगते ही सचिव आपदा प्रबंधन डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा हालात पर नजर बनाए हुए है। शाम तक घटना स्थल पर पहुंचेंगे। सचिव आपदा प्रबंधन भी घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी लेंगे। सीएम के साथ ही घटना स्थल पर निरीक्षण के लिए आए गढ़वाल मंडल के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने भी राहत और बचाव कार्य की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवश्यक सामग्री की समय से व्यवस्था कर ली जाए।

मजदूरों को नाश्ता और पानी दिया गया

एनडीआरएफ की टीम का कहना है कि अंदर फंसे मजदूरों को नाश्ता और पानी दिया गया है। उन्हें उम्मीद है कि आज शाम तक वे मलबे को तोड़कर मजदूरों को बाहर निकाल लेंगे। हम फंसे हुए श्रमिकों को कुछ चिप्स और पानी देने में कामयाब रहे हैं। हम पुष्टि कर सकते हैं कि श्रमिक सुरक्षित स्थिति में हैं।

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