प्रयागराज। ThreeMurdersSolved यूपी के प्रयागराज में पिछले दिनों हुई तीन हत्याओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार एक सनकी आशिक परिवार की नाबालिग बेटी से जबरी शादी करना चाह रहा था। परिवार इसका विरोध कर रहा था, इसी खुन्नस में आरोपियों ने किशोरी एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी।
तीनों के खून से लथपथ शव घर के अहाते से लेकर बाहर तक पड़े मिले। आरोप है कि पड़ोसी युवक हिमांशु यादव ने अपने दो साथियों राजन यादव और निहाल गौतम के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।मरने वालों में किशोरी के बड़े पापा श्यामलाल गुप्ता (65) और दो बड़ी मां अमरावती (55) और इंद्रावती (60) शामिल हैं। तीनों हत्यारोपियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित परिवार द्वारा बार—बार पुलिस से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं करने के मामले में रामनगर चौकी इंचार्ज रामविलास को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी हिमांशु के पैर में गोली लग गई।
घर में घुसकर खेला खूनी खेल
श्याम लाल गुप्ता पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। वह घर पर ही किराने की दुकान चलाते थे। दो भाई दूधनाथ और मंजेश की मौत हो चुकी है। नेब्बू लाल बंगलूरू में और रामधनी परिवार के साथ राजस्थान में रहते हैं। गांव में श्याम लाल और उनकी मानसिक रूप से बीमार पत्नी फूलकली, नेब्बू लाल की पत्नी अमरावती, दूधनाथ की पत्नी इंद्रावती देवी एक साथ रहते थे। साथ में ही मंजेश की पत्नी, उनके चार बेटे आशीष, विशेष, विवेक, शिवांश और दो बेटियां भी रहती हैं, लेकिन वारदात के दिन मंजेश की पत्नी परिवार के साथ भाई के घर गई थीं। सोमवार रात करीब 10:30 बजे आरोपी युवक श्याम लाल के घर में घुसे और खूनी खेल खेला। सभी लोगों ने जान बचाकर भागने का प्रयास किया। तीनों आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। खूंटे से सिर पर वार कर श्यामलाल, अमरावती और इंद्रावती को बेरहमी से मार डाला।
परिवार को खत्म करने की दी थी धमकी
परिजनों ने आरोप लगाया कि हिमांशु यादव मंजेश की बेटी से शादी करना चाह रहा है। घरवालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं है। शादी की खिलाफत करने पर हिमांशु ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। उसी ने अपने साथियों संग वारदात को अंजाम दिया। हिमांशु का नाम सामने आने पर पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी लेकिन वह फरार था। पुलिस जांच में पता चला कि हिमांशु और किशोरी फरवरी में बिना बताए घर से चले गए थे। गांव में पंचायत हुई तो दोनों वापस आए। किशोरी के बड़े पापा श्यामलाल इस रिश्ते का सबसे ज्यादा विरोध कर रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने भतीजी को उसकी ननिहाल भेज दिया था। इस फैसले से हिमांशु उनसे नाराज था। शाम छह बजे पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया।
