प्रियंका पर सीएम योगी की टिप्पणी से भड़के कांग्रेसी, प्रदेश भर में यूं जताया विरोध

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प्रियंका गांधी के बहाने देश भर की महिलाओं व स्वच्छकार समाज को लक्ष्य कर की गयी जातिवादी टिप्पणी के विरोध में काँग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भर की बाल्मीकि बस्तियों व बाल्मीकि मंदिरो में झाड़ू लगाकर सफाई व पूजा अर्चना किया।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी के बहाने देश भर की महिलाओं व स्वच्छकार समाज को लक्ष्य कर की गयी जातिवादी टिप्पणी के विरोध में काँग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भर की बाल्मीकि बस्तियों व बाल्मीकि मंदिरो में झाड़ू लगाकर सफाई व पूजा अर्चना किया। यह जानकारी कांग्रेस द्वारा भेजी गई विज्ञ​प्ति में दी गई। बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक टीवी चैनल के कॉन्क्लेव में प्रियंका गांधी वाड्रा पर अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके निशाने पर देश भर में साफ सफाई का काम करने वाले बाल्मीकि समाज के दलित व घरों में सफाई कर गृहस्थी चलाने वाली महिलाएं थी।

बताया गया कि मुख्यमंत्री की संकुचित व जातिवाद से ग्रसित टिप्पणी पर आक्रोशित काँग्रेसजनां ने आज समूचे प्रदेश की बाल्मीकि व दलित बस्तियों व बाल्मीकि मंदिरों में साफ-सफाई कर पूजा अर्चना कर सत्याग्रह किया और कहा कि योगी आदित्यनाथ दलित, महिला विरोधी है। उनकी मानसिकता अहंकार व सामंती संकीर्णता से ग्रसित है। जिस संविधान की शपथ लेकर वह संवैधानिक पद पर वह बैठें हैं, उसी संविधान के भेदभाव रहित समता, समानता की वह धज्जियां उड़ाकर दलित व महिलाओं पर ओछी टिप्पणी कर रहें हैं जो किसी कीमत पर बर्दास्त के लायक नही है। मुख्यमंत्री द्वारा की गयी अभद्र टिप्पणी से सफाई कर्मी, उनके परिजन व महिलाएं आहत है।

इस बाबत उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता पंकज तिवारी ने बताया कि काशी में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने वाराणसी कैंट स्थित महिर्षि बाल्मीकि की प्रतिमा व पार्क की साफ-सफाई पूर्व सांसद राजेश मिश्रा के साथ मिलकर की। वहीं दलित स्वच्छकार समाज के मनोज को सम्मानित करते हुए कहा कि स्वच्छता पूज्य महात्मा गांधी का सत्य ओर अहिंसा के मार्ग पर चलने के महामंत्र है, उस महामंत्र को दलित स्वच्छकार व महिलायें धारण कर सफाई के साथ लोगां को स्वच्छता के लिये जागरूक करती है। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस तरह की टिप्पणी कर मर्यादा की सीमाएं लांघ रहें है, जिसे सभ्य समाज स्वीकार नहीं करेगा। यहीं दलित व महिलाएं उनके जातिवादी विकृत मानसिकता को लोकतांत्रिक तरीके से प्रतिकार कर हिसाब बराबर करेगा।

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