Wednesday, October 5, 2022
Homeउत्तर प्रदेशप्रेमचन्द हमेशा अन्याय-अत्याचार के खिलाफ कलम से क्रांति लाते थे: ब्रजेश सिंह...

प्रेमचन्द हमेशा अन्याय-अत्याचार के खिलाफ कलम से क्रांति लाते थे: ब्रजेश सिंह कटियार

कानपुर। महान साहित्यकार, उपन्यास सम्राट, कहानीकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती सम्मान के साथ मनाई गई। आजाद पार्क कमेटी द्वारा आजाद पार्क, सत्यम विहार, कानपुर में महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती सम्मान के साथ मनाई गई। जयंती के अवसर पर पार्क कमेटी द्वारा पुष्पांजलि एवं सभा का आयोजन किया गया।सभा में उपस्थित सभी लोगों द्वारा सर्वप्रथम मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके प्रति अपने सम्मान को प्रदर्शित किया। तत्पश्चात हुई सभा की अध्यक्षता आजाद पार्क कमेटी के अध्यक्ष श्री सुशील मौर्या द्वारा की गई। सभा का संचालन कमेटी के सचिव श्री वालेंद्र कटियार द्वारा किया गया।

सभा को मुख्य वक्ता के रूप में एचबीटीयू के वरिष्ठ प्रोफेसर श्री ब्रजेश सिंह कटियार द्वारा संबोधित किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने पूरी इमानदारी के साथ भारतीय समाज की समस्याओं को समझा और उन्हें हल करने के लिए लगातार संघर्ष किया। उन्होंने लोगों को समस्याओं से मुक्ति का रास्ता दिखाया। प्रेमचन्द अन्याय-अत्याचार के खिलाफ समझौताहीन संघर्ष चलाते हुए हमेशा आम जनता के पक्ष में खड़े दिखाई दिए। तत्कालीन समय में हिंदी एवं उर्दू साहित्य जो लगभग शून्य पर था उसे विश्व साहित्य के समकक्ष खड़ा करने में उनके द्वारा किए गए योगदान को भारत हमेशा याद रखेगा। सभा को श्री अनूप कटियार, श्रीमती शारदा गौतम, श्रीमती रमा कांति देवी, रीना मौर्या, मोहित गौतम द्वारा भी संबोधित किया गया।

विजेता श्रीवास्तव, शगुन झा, तनुश्री कनौजिया, मयंक मौर्य, सृष्टि वर्मा, प्रियांशु भारती, धैर्य वर्मा, अश्मित, आदि बच्चों द्वारा इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों द्वारा कविता पाठ किया गया, गीत गाए गए। मुंशी प्रेमचंद पर अपने वक्तव्य रखें। कार्यक्रम में सभी ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया।

इसे भी पढ़ें…

एमपी में पत्नी नहीं बना पाई टेस्टी चटनी तो गुस्से में पति ने बका मारकर की हत्या

Google search engine
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments