Wednesday, October 5, 2022
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यूपी चुनाव: कोई जनआशीर्वाद तो कोई साइकिल यात्रा से जनता को लुभाने मैदान में उतरेगा

लखनऊ। यूपी सियासत अब जुबानी जंग से आगे बढ़ते हुए जमीन पर उतरने को तैयार है। हर कोई जनता को अपने वादों और काम के बदौलत लुभाने की तैयारी में जुटा हुआ है। इससे पहले ब्राह्मणों को लुभाने के लिए कार्यक्रम पर जोर दिया गया। अब यात्रा निकालकर लुभाने की कोशिश की जाएगी। आपकों बता दें कियूपी विधानसभा चुनाव में महज 5 माह बचे हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों की उठापटक बढ़ गई है। इस सियासी संग्राम में सबसे आगे निकलने के लिए सत्ताधारी भाजपा हर चाल चलने को बेताब है। सभी दलों से आगे निकलते हुए पहले दिल्ली में यूपी के सांसदों ने बैठक कर आशीर्वाद यात्रा निकालने की योजना बनाई। बीजेपी की योजना बाहर आने के बाद सपा ने भी साइकिल यात्रा का ऐलान कर दिया। इससे पहले चंद्रशेखर उर्फ रावण एक दौर की साइकिल यात्रा निकालकर दलित युवाओं को लुभाने की कोशिश कर चुके है। इसके बाद वह दूसरे दौर में हर विधानसभा क्षेत्र में अपनी साइकिल दौड़ाने के फिराक में है।अब ​देखना यह है कि किसकी यात्रा उसे सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाएगी,किसकी यात्रा किसकी दौर को फेल करेगी।

आपकों बता दें कि यूपी के सातों नए मंत्री 16 से 18 अगस्त तक यूपी के तमाम जिलों में जन आशीर्वाद यात्रा निकालेंगे। इस यात्रा में केंद्रीय मंत्री खुली जीप में सफर करेंगे और अपने गृह जनपद में जाने से पहले आसपास की 4 लोकसभा सीटों में स्थानीय लोगों के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान दिल्ली से संसदीय क्षेत्र के रास्ते में आने वाले हर लोकसभा क्षेत्र में मंत्रियों का परिचय, संवाद व स्वागत होगा।भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा के जवाब में सपा ने पांच अगस्त को वरिष्ठ समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्रा की जयंती पर समाजवादी साइकिल यात्रा निकालेगी। हर तहसील में सपा के नेता 5 से 10 किलोमीटर तक साइकिल चलाएंगे। साइकिल यात्रा के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।

भाजपा अपनी जन आशीर्वाद यात्रा के जरिए हर विधानसभा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी का एहसास कराएगी। पार्टी चाहती है कि जिस समाज से केंद्रीय मंत्री बनाए गए हैं उनके बीच अपने नेता को लेकर संदेश जाना चाहिए। साथ ही चुनावी दृष्टिकोण से जनता से सीधा संवाद करके केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को भी जनता तक पहुंचाना इस यात्रा का मकसद है। वही समाजवादी पार्टी हर तहसील में निकलने वाली इस यात्रा के जरिए जनता के बीच भाजपा सरकार की नाकामी को गिनाएगी। इस यात्रा के जरिए बेकारी, मंहगाई, भ्रष्टाचार, पुलिस उत्पीड़न, किसानों की समस्या से लोगों को वाकिफ कराना चाहती है।

अखिलेश ने आशीर्वाद रैली पर कसा तंज

सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजपी की सरकार के नए मंत्रियों द्वारा निकाली जाने वाली जन आशीर्वाद यात्रा को लेकर शुक्रवार को तंज कसा। उन्होंने कहा कि लोगों का सुख और चैन छीनने वाली पार्टी अब लोगों से आशीर्वाद मांगने जाएगी। इसी प्रकार सपा की साइकिल यात्रा पर सवाल उठाते हुए भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी कहते हैं कि पिछले साढे 4 वर्षों में समाजवादी पार्टी जनता के बीच में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। समाजवादी पार्टी हार की हताशा से बाहर नहीं निकल पाई। 2017 की पराजय के बाद 2019 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की पराजय ने अखिलेश यादव जी के मनोबल को तोड़ दिया है।

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