महाराष्ट्र में आफत की बारिश: बाढ़ और लैंडस्लाइड से अब तक 57 लोगों की मौत

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Rain in Maharashtra: 57 people killed, hundreds injured due to floods and landslides
महाराष्ट्र के जिले रायगढ़ के तलई गांव में 35 से ज्यादा घरों पर चट्टान का मलबा गिरा है। अभी भी 30 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं।

मुंबई। महाराष्ट्र में इस समय आफत की बारिश हो रही है। कई जिलों में बारिश की वजह से भारी जान माल का नुकसान हुआ है। बारिश की वजह से 24 घंटे में पचास से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। वहीं सैकड़ो लोग बारिश की वजह से परेशान हो रहे है। झमाझम बारिश से जगह-जगह जलभराव और लैंडस्लाइड की घटनाएं तेजी से हो हरी है। बारिश की वजह से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।

महाराष्ट्र के जिले रायगढ़ के तलई गांव में 35 से ज्यादा घरों पर चट्टान का मलबा गिरा है। अभी भी 30 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं। माना जा रहा है कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। भारी बारिश की वजह से महाराष्ट्र के कोल्हापुर, रायगढ़, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे और नागपुर के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। भारी बारिश के बाद शुक्रवार को हुए हादसों में अब तक 57 लोगों की मौत हो चुकी है।

रत्नागिरी जिले हो रही तेज बारिश के चिपलून में अपरांत हॉस्पिटल में बाढ़ का पानी घुसने से यहां की पावर सप्लाई ठप हो गई। इससे 8 मरीजों की मौत हो गई। आपकों बता दें कि यह एक कोविड हॉस्पिटल है और मरने वाले सभी लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। रायगढ़ के तलई गांव में पहाड़ का मलबा बस्ती पर आ गिरा। इसके नीचे 35 घर दब गए। इस हादसे में 36 लोगों की मौत हो गई है, 70 से ज्यादा लोग लापता हैं। 32 के शव बाहर निकाले गए हैं। सतारा के अंबेघर गांव में भी लैंड स्लाइडिंग हुई है। यहां 8 लोगों की जान गई है। मलबे के नीचे करीब 20 लोग दबे हुए हैं। इसी प्रकार शुक्रवार को ही मुंबई से सटे गोवंडी में एक इमारत के गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई है। सभी मृतक एक ही परिवार से हैं। हादसे में 6 जख्मी हुए हैं। घायलों को मुंबई के राजवाड़ी और सायन हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है।

नदियों में आया उफान

रत्नागिरी जिले में जगबुडी नदी खतरे के निशान से 2 मीटर और वशिष्ठ नदी खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर बह रही है। कजली, कोडावली, शास्त्री और बावंडी नदियाें ने भी खतरे के निशान को पार कर लिया है। कुंडलिका, अंबा, सावित्री, पातालगंगा, गढ़ी और उल्हास नदियां भी चेतावनी के स्तर पर बह रही हैं।बारिश की वजह से कोंकण रेल रूट पर कई जगह लैंडस्लाइड हुई है। चिपलून कस्बा पूरी तरह से जलमग्न है। नगर निगम, तट रक्षक और राजस्व के बचाव दल निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बाहर निकालने के लिए नावों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लांजा, राजापुर, संगमेश्वर कस्बे और आस-पास के इलाके भी बारिश से प्रभावित हुए हैं।

एनडीआरएफ के जवान रेस्क्यू में जुटे

तेज बारिश की वजह से नदियों का पानी आबादी में घुस रहा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन के लिए कोंकण, मुंबई और इसके आसपास के जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ठाणे और पालघर में भारी बारिश के कारण निचले इलाके 24 घंटे से पानी में डूबे हैं। कोंकण डिवीजन में अभी तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 700 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।रायगढ़ जिले में भारी बारिश से 4 जगह लैंडस्लाइड होने से कई लोग फंस गए हैं, 25 लोगों को निकाला गया है और 20 अभी भी फंसे हुए हैं। तलाई गांव को कनेक्ट करने वाली सड़क पानी में बह गई है, इस कारण गांव के अंदर लोग फंसे हुए हैं। कोल्हापुर के चिखली में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए NDRF की दो टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

 

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