कोलकाता। Mission Bengal वैसे तो देश में पांच राज्यों में चुनाव हो रहे है, लेकिन सबसे दिलचस्प लड़ाई बंगाल पर है। यहां ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार चुनावी मैदान में अपनी सादगी और वोटों के ध्रुवीकरण के बल पर मैदान में है। वहीं बीजेपी लगातार तीसरे चुनाव में बंगाल चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल के देबरा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने कहा, ‘हम सब बंगाल में चुनाव के लिए इकट्ठा हुए हैं। आप लोगों को 23 अप्रैल को मतदान करना है और आप लोगों को कमल के निशान का बटन दबाना है।’ पश्चिम मेदिनीपुर में आयोजित इस जनसभा में अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल को भी घेरा। शाह ने कहा, ’15 साल तक मां, माटी और मानुष का नारा लेकर ममता बनर्जी ने यहां राज किया,लेकिन यहां विकास नाम की चीज नहीं है।
शाह ने सीएम ममता को घेरते हुए कहा, ‘उन्होंने हमारे युवाओं को बेरोजगार किया, लाठियां भांजी, बहनों पर अत्याचार किया, किसानों को परेशान किया और अब वो अपनी कटमनी और सिंडिकेट से पूरे बंगाल को परेशान कर रही हैं। अब आपको इस कटमनी और सिंडिकेट से मुक्ति पानी है, घुसपैठिया मुक्त बंगाल बनाना है। भाजपा चाहती है कि बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त कर दें, लेकिन ममता बनर्जी इन्हें संभालकर रखना चाहती हैं। ममता दीदी, जितना जोर लगाना है, लगा दो, हम एक एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर बंगाल से बाहर निकालेंगे।’
घुसपैठ को बीजेपी ने बनाया हथियार
अमित शाह समेत बीजेपी के सभी नेता बार-बार चुनावी रैली में घुसपैठ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि घुसपैठिये न सिर्फ रोजगार छीन रहे हैं बल्कि राज्य में गुंडागर्दी भी फैला रहे हैं। शाह ने ममता सरकार पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर इस समस्या को खत्म नहीं करना चाहती। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने पर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। शाह ने कहा कि बंगाल में हर जगह सिंडिकेट का कब्जा है। चाहे सीमेंट खरीदना हो या बालू, हर जगह लोगों को परेशान किया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कमल के फूल का बटन दबाकर इस सिंडिकेट राज को खत्म करें। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा सरकार बनने के बाद गुंडागर्दी करने वालों को जेल भेजा जाएगा।
शाह ने घाताल बाढ़ समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1500 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने उसे ठुकरा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी अपने भतीजे को मुख्यमंत्री बनाने में लगी हैं और विकास कार्यों पर ध्यान नहीं दे रहीं। शाह ने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनने पर इस योजना को एक साल में लागू किया जाएगा।
