हैदराबाद। अभी कुछ दिन पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था देश युवा यानि जेन- जी वोट चोरी के मुदृदे पर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगा। इसके विपरित विश्वविद्यालयों के चुनाव में एबीवीपी की जीत से यह साबित हो रहा है कि देश का युवा वर्ग बीजेपी की विचारधारा को देश के विकास के लिए जरूरी मानता है।
ABVP ने डुसु के बाद हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (HCU) के छात्रसंघ चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव, खेल सचिव और सांस्कृतिक सचिव सहित सभी प्रमुख पदों पर कब्जा जमा लिया है। हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी ने सभी सीटों पर जीत हासिल कर एक बार फिर अपनी संगठनात्मक ताकत और छात्रों के बीच लोकप्रियता का परिचय दिया। इस जीत को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने छात्रहित और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिणाम बताया। एबीवीपी के स्थानीय नेताओं ने कहा कि यह जीत छात्रों के विश्वास को दर्शाती है। हम शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। संगठन की इस लगातार जीत ने विपक्षी छात्र संगठनों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है।
लगातार मिल रही जीत
बता दें कि ABVP ने एक साल में देश के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। इनमें पटना विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), दिल्ली विश्वविद्यालय, गुवाहाटी विश्वविद्यालय और उत्तराखंड के कई विश्वविद्यालय शामिल हैं। पिछले एक साल में अभाविप ने विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपनी जीत के जरिए यह साबित किया है कि वह छात्रों के बीच गहरी पैठ रखता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एबीवीपी की यह जीत संगठन की सक्रियता, छात्र-केंद्रित नीतियों और प्रभावी रणनीति का परिणाम है। इसके पीछे बीजेपी और आरएसएस की सोच कही न कही छात्रों को इस संगठन को मजबूत करने के लिए प्रेरित कर रही है।
