लखनऊ । Dr. Rahi Masoom Raza के जन्मदिवस पर डॉ राही मासूम रज़ा साहित्य सम्मान समारोह- 2025 का आयोजन गांधी भवन स्थित करणभाई हाल में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. रमेश दीक्षित ने व संचालन हाफीज किदवई ने किया।प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष यह सम्मान रंगकर्मी, फिल्म़ लेखक व अभिनेता अतुल तिवारी को दिया गया। श्री तिवारी ने फिल्मों में फिल्म़ लेखन, संवाद, कहानी, नाट्य लेखन के साथ फिल्मों में अभिनय किया है। उन्होंने कई प्रसिद्ध नाट्य प्रस्तुतियों को निर्देशित भी किया है। श्री अतुल तिवारी ने संविधान जैसे धारावाहिक भी लिखे हैं और साबरमती समेत लखनऊ के समाजवादी म्यूज़ियम को भी बनाया है । उनके जीवन के विभिन्न आयामों के कारण उन्हें 16वां डॉ राही मासूम रज़ा साहित्य सम्मान- 2025 से अलंकृत किया गया ।
कार्यक्रम में डा. राही के साहित्य, व्यक्तित्व व कामों की चर्चा हुई। एकडेमी का संकल्प है कि राही के प्रत्येक जन्मदिवस पर उस शख्सियत को सम्मानित किया जाता है, जिसका व्यक्तित्व व कृत्तित्व धर्मनिरपेक्ष व आम जनता के पक्ष में हो।कार्यक्रम की शुरआत में डॉ राही एकेडमी के संस्थापक महामंत्री श्री रामकिशोर जी को श्रध्दांजलि दी गई। श्रध्दांजलि देते हुए लोगों ने कहा कि स्मृतिशेष श्री रामकिशोर जी डा. राही के साहित्य पर उल्लेखनीय काम किया था। पिछले 4 अप्रैल उनका निधन हो गया, एकेडमी के सदस्यों समेत सभी उपस्थित लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्जित किया।
सम्मान सामरोह में श्री अतुल तिवारी को शॉल, डॉ राही का समग्र लेखन, सम्मानपत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। उनके सम्मान पत्र का वाचन भगवान स्वरूप कटियार ने किया। इसके साथ ही शहर की बहुत सी साहित्यिक सामाजिक संस्थाओं ने भी अतुल तिवारी को सम्मानित किया । जसम की ओर से कौशल किशोर, जलेस की ओर से राजेन्द्र वर्मा, प्रलेस की ओर से राकेश , वसुंधरा फाउंडेशन की ओर से राकेश श्रीवास्तव व काव्योम सहित अन्य लोगों ने श्री अतुल तिवारी को पुष्पगुच्छ देकर व माल्यार्पण कर उनका अभिनन्दन किया।इस अवसर पर एकेडमी की उपाध्यक्ष तथा डॉ राही की भांजी शबनम रिज़वी की उर्दू किताब” डॉ राही की फिक्शन निगारी ” का विमोचन भी किया गया । यह किताब राही के कहानी लेखन पर है, जो बहुत जल्द हिंदी में भी आने की संभावना है ।कार्यक्रम में अतुल तिवारी के जीवन दर्शन, व्यक्तित्व पर मशहूर रंगकर्मी सूर्य मोहन कुलश्रेष्ठ ने अपना वक्तव्य रखा। प्रो. नदीम हसनैन ने राही के काव्य पक्ष पर खासकर शायरी पर चर्चा की।
इस अवसर पर अतुल तिवारी ने अपने सम्मान समारोह में विशेष वक्तव्य दिया। उन्होंने नज़ीर अकबराबादी पर “बेनज़ीर नज़ीर: नज़ीर अकबराबादी – इंसानियत का शायर” नाम से अपना महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया। नज़ीर अकबराबादी के ज़मीन और लोकभावना, लोकचेतना की शायरी को डॉ राही और वर्तमान से जोड़ते हुए विस्तृत रूप से चर्चा किया।अध्यक्षीय सम्बोधन में प्रोफेसर रमेश दीक्षित ने अपने वक्तव्य में एकेडमी व अतुल तिवारी के महत्वपूर्ण कार्यों की चर्चा किया।एकेडमी की अध्यक्षा वंदना मिश्रा ने आए हुए सभी आगन्तुकों को धन्यवाद दिया और कहा कि यह एकेडमी निरन्तर डॉ राही को याद करती है। पूरे वर्ष साहित्यिक और सामाजिक आयोजन करती करती है । कार्यक्रम में नरेश सक्सेना, प्रो. रुप रेखा वर्मा, सुभाष राय, के. के. शुक्ला, वीरेंद्र त्रिपाठी, आनन्द वर्धन सिंह, आशीष यादव, जयप्रकाश, अशोक वर्मा, क्रांति कुमार कटियार, नवीन तिवारी, दीपक कबीर, ओ पी सिन्हा, पुतुल जोशी, देवेंद्र वर्मा, सुरेंद्र राजपूत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
