कोलकाता। NoMercyForScammers पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद लगातार घोटालेबाजों और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियों ने गुरुवार को अलग-अलग मामलों में तृणमूल कांग्रेस के चार नेताओं को गिरफ्तार किया गया, जिससे पार्टी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस ने कोलकाता नगर निगम के तृणमूल पार्षद महेश कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ वसूली, धमकी, आपराधिक साजिश और सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा पहुंचाने समेत कई गंभीर आरोप हैं।पूर्व मेदिनीपुर के हल्दिया में नौकरी घोटाले के मामले में तृणमूल नेता तिलक कुमार चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया गया। वहीं, कोलकाता के सुरेन्द्रनाथ कालेज से हथियार बरामदगी मामले में तृणमूल नेता परितोष दत्त को बर्धमान से गिरफ्तार किया गया। एक अन्य मामले में बीरभूम से पंचायत अधिकारी और तृणमूल नेता राजीव बनर्जी को सरकारी राशन के चावल की अवैध बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया गया। दूसरी ओर बिधाननगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा कई और पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
थाने में हाजिर नहीं हुए पूर्व मंत्री बिश्वास
अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबालर लियोन मेसी के कार्यक्रम के दौरान भारी अव्यवस्था के मामले में राज्य के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिश्वास गुरुवार को बिधाननगर दक्षिण थाने में पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए। उनके अधिवक्ता ने पुलिस को पत्र भेजकर 14 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा है। मेसी के भारत दौरे के आयोजक शतद्रु दत्ता की शिकायत के आधार पर अरूप को समन जारी किया गया था। कोलकाता के साल्टलेक स्टेडियम में पिछले साल दिसंबर में मेसी के कार्यक्रम के दौरान ग्राउंड पर तत्कालीन खेल मंत्री, नेता और उनके करीबी लोगों ने उन्हें इस कदर घेर रखा था कि महंगे टिकट खरीदकर पहुंचे लोग दर्शक दीर्घा से अपने पसंदीदा फुटबालर को देख नहीं पाए। सुरक्षा कारणों से मेसी को तय समय से पहले ही स्टेडियम से ले जाया गया, जिसके बाद दर्शकों ने गुस्से में आकर स्टेडियम में तोड़फोड़ की थी।
विधायक के घर पहुंची सीआईडी
बंगाल विधानसभा में कथित जाली हस्ताक्षर मामले की जांच तेज हो गई है। इस सिलसिले में गुरुवार को सीआइडी की एक टीम कोलकाता के मेयर व विधायक फिरहाद हकीम के चेतला स्थित आवास पहुंची। जांचकर्ताओं ने इस मामले में उनसे हस्ताक्षर को लेकर पूछताछ की। दूसरी ओर, सीआइडी ने अदालत के आदेश पर तृणमूल के तीन विधायकों के हस्तलेखन के नमूने भी एकत्र किए हैं। इनमें बहारुल इस्लाम, अरूप राय और शुभाशीष दास शामिल हैं। सीआइडी अब इन नमूनों का मिलान विधानसभा में विवादित हस्ताक्षरों से करेगी। बता दें कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में शोभनदेव चट्टोपाध्याय के नाम के समर्थन में तृणमूल विधायक दल की ओर से जो पत्र सौंपा गया था, उसमें कई विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित विसंगतियों का आरोप सामने आया था।
राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीआइडी को सौंपी है। मामले को तूल तब मिला, जब तृणमूल विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने हस्ताक्षरों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर विधानसभा की ओर से कार्रवाई शुरू हुई। बाद में दोनों विधायकों को तृणमूल ने पार्टी से निष्कासित कर दिया।
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