गोरखपुर। यूपी सरकार रोजगार के साथ ही प्रदेश के विकास के लिए पक्के इंतजाम कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को खजनी रोड पर खानीपुर गांव में टोरेंट कंपनी की तरफ से बनाए गए प्रदेश के पहले और देश के दूसरे Hydrogen Power Plant का उद्घाटन किया। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य की ऊर्जा है। यूपी में प्रचुर जल संसाधन होने के चलते इसके विकास की व्यापक संभावना है। अभी यह ऊर्जा कुछ महंगी है, लेकिन आने वाले समय में यह मोबाइल फोन कॉल जितनी सस्ती हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश सरकार ने 22 हजार मेगावाट रिन्यूवल एनर्जी स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।अब तक इस क्षेत्र में हम छह हजार मेगावाट तक पहुंचे हैं।
रिन्यूवल एनर्जी के लिए किसी न किसी अन्य ऊर्जा की आवश्यकता होती है। हाइड्रोजन प्लांट इस कमी को दूर करेगा ।मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा और बीमारियों से बचाव में ग्रीन एनर्जी की बड़ी भूमिका होने जा रही है। इसमें यह प्लांट बड़ी भूमिका निभाएगा। टोरेंट ग्रुप के इस प्लांट में ग्रीन हाइड्रोजन और सीएनजी-पीएनजी की ब्लेंडिंग होगी। इसके बाद इसे घर-घर रसोई गैस के रूप में पहुंचाया जाएगा।
इस काम में उपयोगी है हाईड्रोजन
भाप सुधार ऊष्माशोषी है, अर्थात अभिक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रक्रिया को ऊष्मा दी जानी चाहिए। इसके बाद, जिसे “जल-गैस विस्थापन अभिक्रिया” कहा जाता है, कार्बन मोनोऑक्साइड और भाप को एक उत्प्रेरक का उपयोग करके अभिक्रिया कराकर कार्बन डाइऑक्साइड और अधिक हाइड्रोजन प्राप्त किया जाता है। हाइड्रोजन के कई उपयोग हैं, जिनमें ऊर्जा उत्पादन, औद्योगिक प्रक्रियाएं, और परिवहन शामिल हैं। यह एक ऊर्जा वाहक है जिसका उपयोग ईंधन कोशिकाओं में बिजली उत्पन्न करने, वाहनों को चलाने, और उद्योगों को गर्म करने के लिए किया जा सकता है। हाइड्रोजन को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे कि वाहनों और बिजली संयंत्रों में। यह जलकर ऊर्जा उत्पन्न करता है, और इसका एकमात्र उपोत्पाद पानी है, जिससे यह एक स्वच्छ ऊर्जा स्रोत बनता है।
