बिजनेस डेस्क्, मुंबई : BayerCropScience लिमिटेड (बीएसई: 506285) ने आज 30 सितंबर, 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही (Q2) और पहली छमाही (H1) के अपने गैर-ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की घोषणा की। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही के नतीजे: बायर क्रॉपसाइंस लिमिटेड (बीसीएसएल) ने दूसरी तिमाही में 12,507 मिलियन रुपये का परिचालन राजस्व दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में यह 15,534 मिलियन रुपये था, जो 19 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। कर पूर्व लाभ 2,114 मिलियन रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 2,003 मिलियन रुपये था, जो 6 प्रतिशत की वृद्धि है।30 सितंबर, 2026 को समाप्त पहली छमाही के नतीजे: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में बीसीएसएल ने 30,857 मिलियन रुपये का परिचालन राजस्व दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में यह 34,680 मिलियन रुपये था, जो 11 प्रतिशत की गिरावट है। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त पहली छमाही के लिए कर पूर्व लाभ 6,135 मिलियन रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में यह 5,355 मिलियन रुपये था, जो 15 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
कारोबारी माहौल चुनौतीपूर्ण
तिमाही नतीजों पर टिप्पणी करते हुए बायर क्रॉपसाइंस लिमिटेड के वाइस चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ साइमन वीबुश ने कहा, “दूसरी तिमाही में कारोबारी माहौल चुनौतीपूर्ण रहा। मानसून के असमान वितरण ने फसलों की बुवाई के पैटर्न और फसल सुरक्षा उत्पादों की मांग को प्रभावित किया, साथ ही मक्का का रकबा भी कम रहा। इन चुनौतियों के बावजूद, हमने अनुशासित तरीके से काम करने, अपने पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने और नए इनोवेशन का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित रखा। जैसे-जैसे भारतीय कृषि क्षेत्र में उतार-चढ़ाव बढ़ रहा है, हमारी प्राथमिकता कृषि इकोसिस्टम में इनोवेशन और साझेदारियों को एक साथ लाकर किसानों की उत्पादकता और चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाना है, साथ ही लंबे समय के लिए एक मजबूत और टिकाऊ कारोबार का निर्माण करना है।”
बायर क्रॉपसाइंस लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर विनीत जिंदल ने कहा, “मक्का के बीजों के अनुकूल उत्पादन और लागत में आई कमी से बेहतर हुए ग्रॉस मार्जिन के समर्थन से, दूसरी तिमाही में कर पश्चात लाभ में 9 प्रतिशत और पहली छमाही में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मक्का के बीज उत्पादन की अधिक मात्रा और कमजोर बाजार मांग के कारण इन्वेंट्री (स्टॉक) में वृद्धि हुई है। बाजार में नकदी के दबाव के कारण भुगतान मिलने में देरी हुई और बकाया राशि (रिसीवेबल्स) में मामूली बढ़ोतरी हुई है। हम कार्यशील पूंजी के अनुशासित प्रबंधन और नकदी प्रवाह को मजबूत बनाने पर पूरी तरह केंद्रित हैं।” कंपनी के निदेशक मंडल ने 3 नवंबर, 2026 को हुई अपनी बैठक में 31 मार्च, 2027 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए प्रति इक्विटी शेयर 90 रुपये के अंतरिम लाभांश की घोषणा की है, जो कुल 4,045 मिलियन रुपये है।
