वृंदावन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण Janmashtami से एक दिन पहले कान्हा की नगरी को सजाने संवारने के लिए बड़ी सौगात दी। वृंदावन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने करीब 1051 करोड़ रुपये की 229 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें सड़क, पुल, पेयजल, सीवर, प्रकाश व्यवस्था, पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर में 42.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने संतों को सम्मानित करने के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि, स्वीकृति पत्र, प्रमाणपत्र और आवास की चाबियां भी बांटी।
सनातन परंपरा का जिक्र कर बोले सीएम योगी
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बाहरी आक्रमणकारियों ने भारत के कई मंदिरों और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन लोगों की आस्था को समाप्त नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि मथुरा और ब्रजभूमि इसकी बड़ी मिसाल हैं।योगी ने कहा कि समय के साथ मंदिरों पर हमले हुए, ऐतिहासिक विरासत को नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन श्रीकृष्ण की भक्ति, जन्माष्टमी, गोवर्धन की परिक्रमा और बरसाना की होली जैसी परंपराएं लगातार चलती रहीं। उन्होंने इसे सनातन परंपरा और ब्रज की आध्यात्मिक शक्ति का प्रमाण बताया।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लंबे समय तक विकास को केवल सड़क, बिजली, पानी और औद्योगिक ढांचे तक सीमित नजरिए से देखा गया। इस प्रक्रिया में देश की सांस्कृतिक विरासत की उपेक्षा हुई। उनके अनुसार अब विकास के साथ विरासत और धार्मिक पर्यटन को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
2017 से पहले की स्थिति पर भी साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में धार्मिक आयोजनों और पर्यटन के बजाय कानून-व्यवस्था की समस्याएं चर्चा में रहती थीं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में कानून का राज मजबूत हुआ है और ब्रज के प्रमुख धार्मिक क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन और बलदेव अब अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान के साथ बेहतर सुविधाओं के लिए भी पहचाने जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया, उनकी कुल लागत 540.60 करोड़ रुपये बताई गई। वहीं 437.64 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
