प्रयागराज। Murder of relationships in Prayagraj संगम नगरी प्रयागराज में एक सनकी ने मात्र दस विसवा जमीन के लालच में पिता—बहन और भांजी को कुल्हाड़ी से काट डाला। इसके बाद छोटे भाई पर भी हमला किया, उसने भागकर अपनी जान बचाई। आरोपी ने तीनों के शवों को कुएं में डालने के बाद अपराध छिपाने के लिए उपर से पुआल डाल दिया। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस से मिली जानकारी केक अनुसार प्रयागराज के लोकापुर विशानी गांव निवासी राम सिंह पटेल (55) के दो बेटे और तीन बेटियां है। हत्यारोपी बड़ा बेटा मुकेश कुमार परिवार के साथ अलग रहता है। छोटा बेटा मुकुंद (24), बेटी साधना और बड़ी बेटी किरण की लड़की आस्था (14) साथ रहते थे। घर में काफी दिनों से जमीन बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। मुकेश की हरकतों से नाखुश राम सिंह ने मकान और जमीन छोटे बेटे मुकुंद के नाम लिख दी थी।
शुक्रवार की रात मुकुंद घर पहुंचा तो ताला बंद था। शनिवार को वह मुकेश के पास पहुंचा और पूछताछ करने लगा तो दोनों में विवाद हो गया। इस पर मुकेश ने तमंचे से गोली चला दी। हालांकि, मुकुंद बाल-बाल बच गया। इसके बाद वह मऊआइमा थाने पहुंचा और बड़े भाई पर आशंका जाहिर करते हुए पिता, बहन और भांजी की गुमशुदगी दर्ज कराई। सोमवार पुलिस ने आरोपी मुकेश कुमार पटेल को जिला न्यायालय के पास से पकड़ा तो घटना सामने आई। आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, एक तमंचा और दो कारतूस बरामद किया। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
पिता को बचाने आईं बहन-भांजी तो तीनों की ली जान
आरोपी मुकेश ने बताया कि वह पिता से 10 बिस्वा जमीन मांग रहा था। इन्कार करने पर गुस्से में रहता था। शुक्रवार रात छोटे भाई की गैर मौजूदगी में वह उन्हें खत्म करने गया था। सो रहे पिता का गला दबाकर मारने की कोशिश की तो बहन साधना और भांजी आस्था ने देख लिया। उन्होंने बीच-बचाव किया तो पास पड़ी एक कुल्हाड़ी से तीनों की हत्या कर दी। आरोपी ने बताया कि पेट, सिर और गर्दन पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। कोहरे का फायदा उठाकर तीनों के शवों को एक-एककर बाइक से पास के कुएं में फेंक दिया था। छिपाने के लिए पुआल डाल दिया था।
चार घंटे चला सर्च ऑपरेशन
घटना की जानकारी पर गंगानगर डीसीपी, एसीपी फूलपुर, एसीपी सोरांव समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल के आसपास के इलाके को सील कर दिया। अग्निशमन की टीम व गोताखोरों ने कुएं को खंगालना शुरू किया। शाम करीब सात बजे तीनों के शव को कुएं से बाहर निकाले गए। लोकापुर विशानी में पिता, बहन और भांजी की हत्या के मामले में पता चला कि तीनों की हत्या के बाद आरोपी अपने छोटे भाई मुकुंद की भी हत्या करने की फिराक में था। इसके बाद वह पूरी जमीन हड़प लेता। इसके लिए उसने बिहार से तमंचा खरीदा था। शनिवार को इसी मकसद से उसने मुकंद को गोली मारी थी। गनीमत रही कि गोली गर्दन को छूती हुई निकल गई और उसकी जान बच गई।
तीन महीने बाद डोली उठनी थी, अब अर्थी उठेगी
पुलिस की एक टीम आरोपी के घर पहुंची तो वह मिला नहीं लेकिन सोमवार को धर लिया गया। राम सिंह की सबसे बड़ी बेटी किरण देवी और मझली पुष्पा देवी है।साधना सबसे छोटी थी। साधना की 12 अप्रैल को प्रतापगढ़ के हथिगहां में शादी होनी थी। लेकिन वह भाई की निर्ममता की शिकार हो गई।
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