आगरा। यूपी के आगरा जिले अछनेरा थाने के हिस्ट्रीशीटर और उसके दोस्त की अज्ञात हमलावरों ने तड़पा—तड़पाकर मार डाला। दोनों की हत्या के बाद शव को पुरामना गांव में धनौली नहर के किनारे खेतों में फेंक दिया। दोनों रविवार रात करीब आठ बजे घर से बिना बताए निकल गए थे। देर रात तक संपर्क न होने पर परिजनों ने कॉल किया, लेकिन फोन बंद थे। खेत में काम करने पहुंचे किसानों ने पुलिस और परिजनों को शव मिलने की सूचना दी। परिजनों ने अछनेरा थाने के बाहर करीब एक घंटे तक शव रखकर हंगामा किया। इसके बाद भरतपुर मार्ग पर भी जाम लगाया। पुलिस के आश्वासन के बाद वह शांत हुए।
एक घंटे बाद ही बंद हुए मोबाइल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गांव अरदाया निवासी हिस्ट्रीशीटर नेत्रपाल (38) और उसका दोस्त कृष्णपाल (35) रविवार रात 8 बजे घर से निकले थे। केपी के भाई अजय पाल ने बताया कि छोटा भाई घर के पास स्थित प्लॉट पर लगा सबमर्सिबल पंप बंद करने गया था। प्लॉट के पास ही नेत्रपाल का घर है। पंप बंद करने के बाद बिना किसी को बताए केपी बाइक से नेत्रपाल के साथ कहीं चला गया। करीब एक घंटे बाद उन्होंने दोनों को कॉल किया, लेकिन रिसीव नहीं हुए। बाद में मोबाइल बंद हो गए।
सोमवार सुबह करीब आठ बजे पुरामना गांव में धान के खेतों में काम कर रहे किसानों को धनाैली नहर के किनारे केपी का खून से लथपथ शव मिला। जांच के दौरान किरावली थाने की पुलिस को वहां से 30 मीटर दूर धनौली माइनर के पास नेत्रपाल का भी शव पड़ा मिला। दोनों की हत्या के बाद शवों को घास से छिपाने की कोशिश की गई थी। दोनों के हाथ पैर बंधे हुए थे। घटनास्थल से करीब 200 मीटर की दूरी पर केपी की बाइक पड़ी मिली थी।
ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
दोहरे हत्याकांड की जानकारी पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ परिजन आ गए। पुलिस शवों को ले जाने लगी। आक्रोशित ग्रामीण शवों को थाना अछनेरा के पास चौराहे पर ले आए। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए उन्होंने भरतपुर मार्ग पर जाम लगा दिया।हंगामे की सूचना पर अपर पुलिस आयुक्त रामबदन सिंह, पुलिस उपायुक्त पश्चिमी अतुल शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। करीब एक घंटे तक समझाने के बाद हत्याकांड के जल्द से जल्द खुलासे का आश्वासन देने पर ग्रामीण सड़क से हटे।
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