WorldIronDeficiencyDay वर्ल्ड आयरन डेफिशिएंसी डे से पहले, डैनोन इंडिया ने की राष्ट्र व्यापी पहल ‘आयरन अप!’ की घोषणा

WorldIronDeficiencyDay Ahead of World Iron Deficiency Day, Danone India announces nationwide initiative 'Iron Up!'

इस स्क्रीनिंग के माध्यम से बच्चों में जोखिम की शुरुआती पहचान की जा रही है।

  • पूरे भारत में आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया (आईडीए) से लड़ने की मजबूत तैयारी
  • लाखों लोगों तक स्क्रीनिंग, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी के ज़रिए पहुंचने का प्रयास

बिजनेस डेस्क, नई​दिल्ली: भारत में आयरन की कमी और एनीमिया के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए, डैनोन इंडिया ने आज WorldIronDeficiencyDay से पहले अपनी राष्ट्रीय पहल ‘आयरन अप!’ की घोषणा की। यह अभियान पूरे देश में बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य कर्मियों की भागीदारी, डिजिटल शिक्षा और सामुदायिक साझेदारी को जोड़कर आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया (आईडीए) की पहचान और रोकथाम को तेज़ करने का लक्ष्य रखता है। डैनोन इंडिया पहले ही कई राज्यों में 8 लाख से अधिक बच्चों की आयरन स्क्रीनिंग कर चुका है। बिना किसी दर्द के और डिजिटल तकनीक की मदद से इस स्क्रीनिंग के माध्यम से बच्चों में जोखिम की शुरुआती पहचान की जा रही है, जिससे माता–पिता और शिक्षकों को समय पर सही कदम उठाने में मदद मिल रही है।

डैनोन का आईडीए प्लेज अभियान

चिकित्सकीय जागरूकता को मजबूत करने के लिए डैनोन ने आईडीए प्लेज अभियान शुरू किया है, जिसके माध्यम से पूरे भारत के स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जागरूकता बढ़ाने, समय पर बीमारी की पहचान करने और बीमारियों की रोकथाम वाले पोषण को बढ़ावा देने की अपील की जा रही है। इसका उद्देश्य मेडिकल समुदाय में एक मजबूत, संयुक्त प्रयास बनाना है, ताकि परिवार आयरन की कमी को समय रहते पहचान सकें और उससे निपटने के लिए कदम उठा सकें।‘आयरन अप!’ के हिस्से के तौर पर, अपनी डिजिटल पहल ‘डिसअपीयर्ड रेड’ के ज़रिए, डैनोन इंडिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 25 मिलियन से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखता है। यह अभियान तस्वीरों के ज़रिए कहानी कहने के माध्यम से दिखाता है कि आयरन की कमी दिमागी कार्यों को कैसे प्रभावित करती है और रोज़मर्रा की काम करने की क्षमता को कम करती है, इससे लोग जल्दी स्क्रीनिंग कराने और सही पोषण अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

जागरूकता शिविर का आयोजन

जमीनी स्तर पर, डैनोन स्कूलों और समुदायों में आयरन डेफिशिएंसी अवेयरनेस कैंप आयोजित कर रहा है, जिनका पूरा फोकस बच्चों और महिलाओं पर है––जो एनीमिया के सबसे ज़्यादा शिकार हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना, शुरुआती पहचान को बढ़ावा देना और उन समुदायों में पोषण की कमी को दूर करना है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है।लंबे समय तक कायम रहने वाले बदलाव लाने के लिए, डैनोन सरकारी संस्थाओं और एनजीओ के साथ तरक्की की कोशिश करने वाले ज़िलों में साझेदारी कर रहा है और एनीमिया मुक्त भारत जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को समर्थन दे रहा है। ये सहयोग यह पक्का करते हैं कि सही, विज्ञान-आधारित पोषण शिक्षा बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंच सकेगी और देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयासों को मजबूत किया जा सकेगा।

डैनोन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, शशि रंजन ने कहा: “डैनोन इंडिया में हमारा उद्देश्य देश की सबसे बड़ी पोषण संबंधी चुनौतियों में से एक को हल करके लाखों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालना है।

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